बाल संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालकों के एक साथ फरार होने की घटना ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सभी बालक विभिन्न गंभीर मामलों में निरुद्ध थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और संप्रेक्षण गृह प्रबंधन सक्रिय हो गया तथा फरार बालकों की तलाश शुरू कर दी गई है।
बारिश और अंधेरे का उठाया फायदा
जानकारी के अनुसार देर शाम तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गुल होने की स्थिति का लाभ उठाकर बालकों ने भागने की योजना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने बैरक की खिड़की को तोड़कर बाहर निकाला और फिर पीछे की दीवार फांदकर परिसर से बाहर निकल गए। घटना के समय मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन उन्हें इसकी भनक नहीं लग सकी।
भोजन के बाद हुई घटना
संप्रेक्षण गृह प्रबंधन के अनुसार शाम को भोजन के बाद सभी बालक अपने-अपने कक्षों में चले गए थे। कुछ बच्चे टीवी देख रहे थे। इसी दौरान मौसम खराब हुआ और बिजली चली गई। अंधेरे का फायदा उठाते हुए कुछ बालकों ने खिड़की तोड़ दी और 11 बालक परिसर से फरार हो गए।
गंभीर मामलों में निरुद्ध थे बालक
फरार हुए बालक अलग-अलग जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। वे चोरी, दुष्कर्म और हत्या जैसे मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह में रखे गए थे। अधिकारियों को आशंका है कि इनमें शामिल एक आदतन अपराधी ने अन्य बालकों को उकसाकर फरार होने की योजना बनाई होगी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर शहर और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। फरार बालकों के परिजनों से भी संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी बालकों को खोजकर वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।