कोरिया। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथों में ले ली है। मामले की जांच शुरू करने के लिए सीबीआई की विशेष टीम कोरिया जिले पहुंच चुकी है। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस से केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
स्थानीय पुलिस से ली केस डायरी
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम चरचा स्थित पंचवटी रेस्ट हाउस में ठहरी हुई है। यहां कोरिया पुलिस के डीएसपी राजेश साहू ने अधिकारियों को केस डायरी और अन्य अहम दस्तावेज सौंपे। प्रारंभिक दस्तावेजी जांच के बाद टीम एसपी कार्यालय पहुंची और वहां से सीधे सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव जाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
16 जून को हुई थी सनसनीखेज घटना
यह मामला 16 जून की रात सामने आया था। आरोप है कि रेत कारोबार और आपसी विवाद के बीच भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर वाहन को हाईवा से रोककर उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई थी।
इस हमले में भरत सिंह गहरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वीरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी।
अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान स्थानीय पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद पीड़ित परिवार और विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।
इसी मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने 30 जून को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। बाद में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत जांच का जिम्मा आधिकारिक रूप से सीबीआई को सौंप दिया गया।
अब CBI करेगी पूरे मामले की पड़ताल
सीबीआई अब घटनास्थल, उपलब्ध साक्ष्यों, केस डायरी और गवाहों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच करेगी। एजेंसी की जांच से मामले से जुड़े सभी तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।