रायपुर: छत्तीसगढ़ में महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अब ‘चीनी सत्याग्रह’ शुरू करेगी। कांग्रेस ने इस आंदोलन की तुलना आजादी के दौर के नमक सत्याग्रह से की है। जगदलपुर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर महंगाई को लेकर कई सवाल खड़े किए।
शक्कर की कीमत बनी कांग्रेस का नया मुद्दा
जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने शक्कर के बढ़ते दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम आदमी के घरेलू बजट को प्रभावित किया है और अब रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं भी लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
बैज ने दावा किया कि करीब 40 रुपये की कीमत वाली शक्कर अब 70 से 75 रुपये तक पहुंच गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शक्कर की कीमत में हुई इस वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
नमक आंदोलन का उदाहरण देकर समझाया कांग्रेस का रुख
दीपक बैज ने अपने संबोधन में आजादी के आंदोलन के दौरान हुए नमक सत्याग्रह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन के समय नमक पर लगाए गए टैक्स के विरोध में महात्मा गांधी ने आंदोलन किया था।
इसी तर्ज पर कांग्रेस अब शक्कर की बढ़ती कीमतों को जनता से जोड़कर चीनी सत्याग्रह के जरिए विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि इस आंदोलन के माध्यम से महंगाई के मुद्दे को प्रदेशभर में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
PDS दुकानों में राशन की उपलब्धता पर सवाल
कांग्रेस ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए गरीब परिवारों को मिलने वाली खाद्य सामग्री को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि कई राशन दुकानों और सोसाइटियों में शक्कर और गुड़ उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चना समेत कुछ अन्य सामग्री की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए PDS के तहत मिलने वाली खाद्य सामग्री की आपूर्ति नियमित की जाए।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को भी बनाया मुद्दा
महंगाई पर हमला बोलते हुए कांग्रेस ने शक्कर के साथ पेट्रोल और डीजल के दामों का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का कहना है कि ईंधन की कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने के कारण इसका प्रभाव रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है।
कांग्रेस के मुताबिक, आम परिवार पहले से ही बढ़ते खर्च से परेशान हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है।
सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने साफ किया है कि ‘चीनी सत्याग्रह’ सिर्फ शक्कर की कीमत तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी महंगाई, राशन व्यवस्था और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को आंदोलन का हिस्सा बनाएगी।
PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में महंगाई के खिलाफ अपना विरोध और तेज करेगी। पार्टी का दावा है कि आंदोलन के जरिए सरकार को जनता से जुड़े इन मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में फिर आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा
‘चीनी सत्याग्रह’ के ऐलान के साथ ही महंगाई का मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में फिर गर्माने के आसार हैं। कांग्रेस जहां शक्कर और जरूरी वस्तुओं के दामों को लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर है, वहीं आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।