पुरी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में धार्मिक उल्लास देखने को मिल रहा है। इसी बीच ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर तैयार की गई एक खास रेत कलाकृति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रेत के जरिए भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी बाल गोपाल को जीवंत रूप दिया है। समुद्र की लहरों के किनारे तैयार की गई इस कलाकृति में भगवान कृष्ण को बाल रूप में दर्शाया गया है। रचना में कान्हा के हाथों में बांसुरी, पास में माखन की हांडी और साथ में गाय को उकेरा गया है। पूरी कलाकृति कृष्ण के बाल जीवन और गोकुल से जुड़ी उनकी मनमोहक लीलाओं की याद दिलाती है।
8 फीट ऊंची है बाल गोपाल की प्रतिमा
पुरी बीच पर बनाई गई यह सैंड आर्ट करीब 8 फीट ऊंची बताई जा रही है। इसकी खासियत केवल भगवान कृष्ण की विशाल आकृति ही नहीं है, बल्कि इसके आसपास सजाई गई 101 छोटी माखन हांडियां भी हैं। माखन की हांडियों को कलाकृति के आसपास इस तरह सजाया गया है कि पूरी रचना कृष्ण के बाल स्वरूप को और प्रभावशाली बनाती है। भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं में माखन का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए इस प्रस्तुति में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया है।
रेत पर दिखा गोकुल और कान्हा की बाल लीलाओं का भाव
सुदर्शन पटनायक की इस रचना में केवल भगवान कृष्ण की आकृति बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि इसके जरिए उनके बचपन से जुड़े भावों को भी सामने लाने की कोशिश की गई है। बांसुरी, गाय और माखन की हांडियों के माध्यम से कलाकृति में गोकुल के उस वातावरण की झलक दिखाई गई है, जिससे भगवान कृष्ण की बाल लीलाएं जुड़ी हुई हैं। समुद्र तट की प्राकृतिक पृष्ठभूमि के बीच यह रचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बन गई है।
सुदर्शन पटनायक ने फिर दिखाई रचनात्मकता
पुरी के समुद्र तट पर अपनी शानदार सैंड आर्ट के लिए मशहूर सुदर्शन पटनायक अलग-अलग अवसरों पर रेत के जरिए अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हैं। उनकी कलाकृतियों में धार्मिक विषयों के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े संदेश भी देखने को मिलते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर बनाई गई बाल गोपाल की यह कलाकृति भी कला और आस्था के अनोखे मेल का उदाहरण पेश करती है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच बना आकर्षण
जन्माष्टमी के मौके पर पुरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए समुद्र तट की यह सैंड आर्ट खास आकर्षण बन गई है। विशाल बाल गोपाल की आकृति के साथ आसपास रखी माखन हांडियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। कलाकृति की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। रेत से भगवान कृष्ण के बाल रूप को इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किए जाने को लोग कला और भक्ति का शानदार संगम बता रहे हैं।
भक्ति के साथ कला का अनोखा संगम
जन्माष्टमी पर देशभर में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा और सजावट की जाती है। ऐसे में पुरी बीच पर रेत के जरिए बाल गोपाल को आकार देना इस पर्व को मनाने का एक अनोखा कलात्मक तरीका नजर आया। सुदर्शन पटनायक की इस रचना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि धार्मिक भावनाओं और भारतीय कला को रचनात्मक अंदाज में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। समुद्र किनारे बनी यह कलाकृति जन्माष्टमी के उत्सव में एक अलग रंग जोड़ती नजर आई।