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JSSC-CGL की CBI जांच पर अड़े छात्र, आज विधानसभा घेराव; रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

JSSC-CGL की CBI जांच पर अड़े छात्र, आज विधानसभा घेराव; रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार के साथ कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र आज, 10 अगस्त को रांची में विधानसभा मार्च निकालने जा रहे हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च की तैयारी

छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास पहुंचने की अपील की है। इसके बाद वहां से छात्र शांतिपूर्ण तरीके से नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च करेंगे। विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नई विधानसभा परिसर के आसपास करीब 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 लागू की गई है। झारखंड हाईकोर्ट को इस प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रखा गया है।

सरकार ने कहा- 98 फीसदी मांगें मानीं

रविवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच करीब 5 घंटे तक तीन दौर की बातचीत हुई। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा वार्ता में शामिल हुए। सरकार का दावा है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इनमें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और ACF परीक्षा रद्द करने, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच तथा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

JSSC-CGL और CBI जांच पर फंसा पेंच

छात्र प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। इसी मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अनुसार JSSC-CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी। सरकार का कहना है कि ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के पास परीक्षा रद्द करने अथवा सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है। सरकार ने इसके विकल्प के तौर पर वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव रखा। हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने इन विकल्पों को स्वीकार नहीं किया।

छात्रों का ऐलान- CBI जांच के बिना आंदोलन नहीं रुकेगा

छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के साथ पूरे मामले की CBI जांच का लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता कुणाल ने कहा कि विधानसभा घेराव का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होगा और CBI जांच की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा

इसी बीच झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। परीक्षा विवाद के बीच इन इस्तीफों को भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात

विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। सिटी एसपी पारस राणा ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को परेशानी नहीं होगी, लेकिन हिंसा या उपद्रव की स्थिति में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'पैलेट गन' के इस्तेमाल की खबरों को पुलिस ने खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में पेंटबॉल गन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आपात स्थिति में उपद्रव करने वालों पर सॉफ्ट कलर बॉल दागकर उनकी पहचान करने में मदद मिलती है।

अब सभी की नजर आज के विधानसभा मार्च पर

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत विफल होने के बाद अब सबकी नजर आज होने वाले विधानसभा मार्च पर है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है, जबकि छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने का दावा किया है। JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद विधानसभा मार्च के बाद किस दिशा में जाता है, यह देखना अहम होगा।


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