नई दिल्ली। राजधानी के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार चल रहे अनशन के कारण स्वास्थ्य बिगड़ने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
पत्नी ने कहा- बिना सहमति इलाज नहीं
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल में उपचार को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति और चिकित्सकों की सलाह के बिना किसी भी प्रकार की दवा या उपचार शुरू नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इलाज की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और यदि बिना सहमति कोई कदम उठाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।
आंदोलन को मिला नया चेहरा
इसी बीच आंदोलन में नया मोड़ तब आया जब कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट हुई थी, लेकिन इसके बावजूद वह दोबारा जंतर-मंतर लौटे और आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
धरना स्थल पर बढ़ाई गई सुरक्षा
वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील कर रही है।
लंबे अनशन का पड़ा स्वास्थ्य पर असर
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत प्रभावित हुई, जिसके बाद चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।