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Saudi Arabia News: हूती हमलों के बीच मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट, अमेरिका ने यात्रा को लेकर दी चेतावनी

Saudi Arabia News: हूती हमलों के बीच मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट, अमेरिका ने यात्रा को लेकर दी चेतावनी

नई दिल्ली। सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने उस समय इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जब वह मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाला था। यह घटना 15 सितंबर की शाम की बताई गई है। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि पवित्र शहर और दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, यह मक्का की दिशा में हूती हमले की दूसरी ऐसी कोशिश है, जिसे सऊदी पक्ष ने 2017 की एक बैलिस्टिक मिसाइल घटना के बाद दर्ज किया है। हालांकि, हूती अधिकारियों ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी दावे को खारिज किया है।

दक्षिणी सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमले

ताजा तनाव के बीच दक्षिणी सऊदी अरब के कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ जैसे क्षेत्रों में हमलों के बाद नुकसान और लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन घटनाओं में 13 नागरिक घायल हुए। हमलों के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। मक्का, जेद्दा और अन्य क्षेत्रों में कुछ समय के लिए आपात सुरक्षा अलर्ट जारी किए जाने की भी रिपोर्ट है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।

यानबू और तेल सप्लाई पर भी असर

सऊदी-हूती संघर्ष का असर देश के ऊर्जा ढांचे पर भी पड़ रहा है। यानबू बंदरगाह से तेल की कुछ लोडिंग गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। रॉयटर्स के अनुसार, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के बाद यानबू से तेल शिपमेंट पर असर पड़ा है। यह पाइपलाइन सऊदी तेल को लाल सागर के रास्ते निर्यात करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी चिंता बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 4 फीसदी वैश्विक तेल आपूर्ति के बराबर क्षमता वाली इस पाइपलाइन के बाधित होने से सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, पाइपलाइन को फिर से चालू करने की समयसीमा को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं।




लाल सागर और बाब-अल-मंदब पर बढ़ी चिंता

यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदब के आसपास हूती गतिविधियां भी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिहाज से रणनीतिक महत्व रखता है। ब्रिटेन की यात्रा सलाह में भी जुलाई 2026 से हूतियों की ओर से सऊदी बुनियादी ढांचे, हवाई अड्डों और लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाए जाने के जोखिम का उल्लेख किया गया है। संघर्ष के बढ़ने की स्थिति में तेल और समुद्री परिवहन पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार यमन में नए सिरे से तेज हुई लड़ाई के कारण एक लाख से अधिक लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं।

यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाई

हूती हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में सैन्य कार्रवाई तेज की है। रिपोर्टों के अनुसार पश्चिमी और उत्तरी यमन में हूती ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए हैं। दूसरी ओर, हूती समर्थित मीडिया और यमनी सरकारी बलों की ओर से भी अलग-अलग इलाकों में सैन्य कार्रवाई के दावे किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है, इसलिए घटनास्थल से आने वाली सूचनाओं को सावधानी से देखना जरूरी है।

अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को लेवल-3 यानी 'रीकंसिडर ट्रैवल' पर रखा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों, सशस्त्र संघर्ष और आतंकवाद समेत सुरक्षा जोखिमों का हवाला दिया है। यमन सीमा के पास यात्रा को लेकर और अधिक कड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया की यात्रा सलाह में भी सऊदी अरब की यात्रा की जरूरत पर पुनर्विचार करने और यमन सीमा से लगे क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार

मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने के सऊदी दावे पर हूती पक्ष ने अलग बयान दिया है। हूती अधिकारियों ने मक्का को निशाना बनाने की बात से इनकार करते हुए सऊदी दावे को गलत बताया है। इसलिए ड्रोन के वास्तविक लक्ष्य को लेकर दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट अंतर है। फिलहाल सऊदी अरब, यमन और लाल सागर क्षेत्र में सैन्य तनाव बना हुआ है। मिसाइल-ड्रोन हमलों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से जुड़ी घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है।
 


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