संतोष कश्यप- अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में निजी स्कूलों द्वारा महंगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें अनिवार्य कराने के आरोप को लेकर अभिभावकों का विरोध तेज हो गया है। जिला अभिभावकगण संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंपकर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबों का आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि शहर के कुछ निजी स्कूल, जिनमें होली क्रॉस स्कूल और माउंट फोर्ट स्कूल का नाम भी शामिल है, विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उनका कहना है कि कुछ चुनिंदा अभिभावकों की सहमति का हवाला देकर यह व्यवस्था सभी विद्यार्थियों पर लागू की जा रही है, जबकि बड़ी संख्या में अभिभावक इसका विरोध कर रहे हैं।
नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
जिला अभिभावकगण संघ के मुताबिक, लगभग दो महीने पहले जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में शहर के कई निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद अब तक किसी भी स्कूल के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि शासन के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने न आएं।
आंदोलन की चेतावनी
जिला अभिभावकगण संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जिलेभर के अभिभावकों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संघ का कहना है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी।