भारत के पैरा एथलीट निषाद कुमार ने 2026 एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में निषाद ने 2.04 मीटर की ऊंचाई पार कर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले वह लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं। इस तरह निषाद एक ही एशियन पैरा गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय एथलीट बन गए हैं।
हाई जंप में रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड
निषाद कुमार ने मंगलवार को पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने 2.04 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस छलांग ने खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया।
स्वर्ण पदक पक्का करने के बाद निषाद ने 2.06 मीटर की ऊंचाई पार करने का प्रयास किया, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके। हालांकि, 2.04 मीटर का उनका प्रदर्शन गोल्ड मेडल जीतने के लिए पर्याप्त रहा।
लॉन्ग जंप में भी हासिल किया था पहला स्थान
हाई जंप में गोल्ड जीतने से एक दिन पहले निषाद कुमार ने लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था। लगातार दो स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल कर उन्होंने भारत के पदक अभियान में अहम योगदान दिया।
एक ही एशियन पैरा गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में अब निषाद कुमार भी शामिल हो गए हैं। उनसे पहले अंकुर धामा और शीतल देवी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
उज्बेकिस्तान और थाईलैंड के खिलाड़ियों ने भी जीते पदक
पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में उज्बेकिस्तान के मुहम्मदअबदुल्लोह तुरसुनजोनोव ने 1.94 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। वहीं, थाईलैंड के अंगकर्ण चानाबून ने 1.75 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
निषाद की 2.04 मीटर की छलांग ने उन्हें अन्य खिलाड़ियों से आगे रखा और प्रतियोगिता में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
अंकुर धामा और शीतल देवी भी कर चुके हैं कमाल
एक ही एशियन पैरा गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों में अंकुर धामा और शीतल देवी के नाम भी शामिल हैं।
अंकुर धामा ने चीन के हांगझोउ में आयोजित पिछले एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 5000 मीटर T11 और 1500 मीटर T11 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। वहीं, शीतल देवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन और मिश्रित टीम कंपाउंड ओपन स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल हासिल किए थे।
छह साल की उम्र में हुआ था हादसा
निषाद कुमार की सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी भी है। जब वह महज छह साल के थे, तब एक हादसे में उनका दाहिना हाथ कट गया था। इस घटना ने उनके परिवार को गहरा झटका दिया, लेकिन निषाद ने अपनी शारीरिक स्थिति को खेलों में आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बनने दिया।
आज उनकी उपलब्धियां पैरा खेलों में भारत की मजबूत मौजूदगी को दर्शाती हैं। हाई जंप और लॉन्ग जंप में दो स्वर्ण पदक जीतकर निषाद कुमार ने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है।
क्या है T47 कैटेगरी?
T47 पैरा एथलेटिक्स की उन श्रेणियों में शामिल है, जिनमें ऊपरी अंगों में अक्षमता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इस श्रेणी में एथलीटों का वर्गीकरण निर्धारित पात्रता और खेल संबंधी मानकों के आधार पर किया जाता है। निषाद कुमार इसी श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते हैं।