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डोनाल्ड ट्रंप के लिए आसान नहीं वेनेजुएला पर पकड़: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रीगेज़ बनीं कार्यवाहक राष्ट्रपति... 

डोनाल्ड ट्रंप के लिए आसान नहीं वेनेजुएला पर पकड़: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रीगेज़ बनीं कार्यवाहक राष्ट्रपति... 

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया का ध्यान इस संकटग्रस्त देश की ओर खींच लिया है। लेकिन वॉशिंगटन के लिए वेनेजुएला पर नियंत्रण पाना आसान नहीं दिख रहा, क्योंकि अब सत्ता की कमान मादुरो की सबसे भरोसेमंद और कट्टर वामपंथी सहयोगी डेल्सी रोड्रीगेज़ के हाथों में आ गई है। वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, डेल्सी रोड्रीगेज़ फिलहाल रूस में हैं और जल्द ही कराकास लौटने की तैयारी कर रही हैं।

कौन हैं डेल्सी रोड्रीगेज़:

डेल्सी एलोइना रोड्रीगेज़ गोमेज़ का जन्म 18 मई 1969 को वेनेजुएला की राजधानी कराकास में हुआ था। 56 वर्षीय डेल्सी पेशे से वकील हैं और उन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ वेनेजुएला से कानून की पढ़ाई की है। छात्र जीवन से ही वह वामपंथी राजनीति, सामाजिक आंदोलनों और अमेरिकी हस्तक्षेप के विरोध से जुड़ी रहीं। उनके राजनीतिक विचार पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ की बोलिवेरियन क्रांति से गहराई से प्रभावित हैं।

कट्टर वामपंथी और ‘चाविस्मो’ आंदोलन की मजबूत नेता:

डेल्सी रोड्रीगेज़ पिछले दो दशकों से ‘चाविस्मो’ आंदोलन का अहम चेहरा रही हैं। यह वही विचारधारा है जिसे ह्यूगो शावेज़ ने शुरू किया और बाद में निकोलस मादुरो ने आगे बढ़ाया। उनकी छवि एक ऐसी नेता की रही है जो अमेरिकी नीतियों की खुलकर आलोचना करती हैं। पश्चिमी देशों के दबाव के आगे झुकने से इनकार करती हैं। समाजवादी और राष्ट्रवादी राजनीति का समर्थन करती हैं।

मादुरो की सबसे भरोसेमंद सहयोगी:

डेल्सी रोड्रीगेज़ को राष्ट्रपति मादुरो का सबसे करीबी और भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। उनके भाई जॉर्ज रोड्रीगेज़ वर्तमान में नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं और सत्ता के भीतर बेहद प्रभावशाली हैं। शावेज़ शासन से लेकर मादुरो सरकार तक, रोड्रीगेज़ परिवार सत्ता के केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। मंत्री से लेकर संविधान सभा की अध्यक्ष तक का सफर डेल्सी रोड्रीगेज़ का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। 2013–2014: सूचना और संचार मंत्री, 2014–2017: विदेश मंत्री और  संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मादुरो सरकार का बचाव पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए हैं।

 मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को खारिज किया:

2017 में जब विपक्ष ने संसद चुनाव जीता, तब सरकार ने संविधान सभा का गठन किया। इस शक्तिशाली संस्था की अध्यक्ष डेल्सी रोड्रीगेज़ रहीं, जिसके जरिए विपक्ष के प्रभाव को सीमित किया गया। इस फैसले को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय आलोचना भी झेलनी पड़ी।

वेनेजुएला की दूसरी सबसे ताकतवर नेता:

साल 2018 में मादुरो ने डेल्सी रोड्रीगेज़ को उपराष्ट्रपति नियुक्त किया। इसके बाद वह लगातार सरकार की दूसरी सबसे ताकतवर नेता बनी रहीं। मादुरो की गिरफ्तारी से पहले तक डेल्सी रोड्रीगेज़ के पास कई अहम विभाग थे, देश की मुख्य आर्थिक नीति, वित्त मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और अब कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में उनके हाथ में पूरा शासन तंत्र है।

अमेरिका और ट्रंप के लिए क्यों चुनौती हैं डेल्सी:

डेल्सी रोड्रीगेज़ की छवि एक कठोर, समझौता न करने वाली और अमेरिका विरोधी नेता की है। रूस, चीन और ईरान जैसे देशों से उनके मजबूत संबंध माने जाते हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिका के लिए वेनेजुएला पर रणनीतिक बढ़त हासिल करना और मुश्किल हो सकता है। निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भले ही अमेरिका ने वेनेजुएला में बड़ी कामयाबी हासिल की हो, लेकिन डेल्सी रोड्रीगेज़ के सत्ता संभालने से तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। उनके नेतृत्व में वेनेजुएला एक बार फिर अमेरिकी दबाव के खिलाफ सख्त रुख अपना सकता है।


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