Maternal Heat Stress Pregnancy: दुनिया भर में बढ़ती हीट वेव और तापमान अब केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि मानव स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि गर्भावस्था के दौरान अधिक गर्मी का संपर्क जन्म लेने वाले बच्चों के लिंग अनुपात को भी प्रभावित कर सकता है। रिसर्च के मुताबिक, जब गर्भवती महिलाएं ज्यादा तापमान में रहती हैं तो लड़कों के जन्म की संभावना में कमी देखी जा सकती है।
क्या कहती है नई रिसर्च?
जर्नल Demography में प्रकाशित स्टडी “Temperature and Sex Ratios at Birth” में भारत और सब-सहारा अफ्रीका के डेमोग्राफिक एंड हेल्थ सर्वे (DHS) के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन में 90 से अधिक सर्वेक्षणों से जुड़े लगभग 50 लाख जन्म के डेटा का विश्लेषण किया गया। रिसर्चर्स ने यह समझने की कोशिश की कि गर्भावस्था के अलग-अलग चरणों में बढ़ते तापमान का बच्चों के जन्म पर क्या प्रभाव पड़ता है।
रिसर्च के मुख्य निष्कर्ष:
जब अधिकतम तापमान 20°C से ऊपर होता है, तो लड़कों के जन्म की संख्या कम पाई गई। सब-सहारा अफ्रीका में यह प्रभाव गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में ज्यादा दिखाई दिया। भारत में तापमान बढ़ने का असर दूसरे ट्राइमेस्टर के दौरान अधिक देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली अधिक उम्र की महिलाओं में यह प्रभाव ज्यादा स्पष्ट था।
कितनी कम हो सकती है लड़कों के जन्म की संभावना?
स्टडी के अनुसार, जब तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है तो लड़कों के जन्म की संभावना लगभग 0.014 प्रतिशत अंक तक कम हो सकती है। रिसर्चर्स का मानना है कि ज्यादा गर्मी के कारण गर्भावस्था के दौरान होने वाले प्राकृतिक गर्भपात (miscarriage) की संभावना लड़कों के भ्रूण में अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, जिससे जन्म अनुपात प्रभावित हो सकता है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
चेन्नई स्थित श्री रामचंद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च की पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. विद्या वेणुगोपाल के अनुसार यह निष्कर्ष पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं हैं। उनका कहना है शरीर का तापमान अगर 1 से 2 डिग्री भी बढ़ जाता है, तो यह बुखार जैसी स्थिति बना सकता है। गर्भवती महिलाओं का शरीर पहले से ही अधिक संवेदनशील होता है। ऐसे में अत्यधिक गर्मी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
गर्भावस्था में ज्यादा गर्मी से बढ़ सकते हैं ये खतरे:
विशेषज्ञों के अनुसार हीट वेव के दौरान गर्भवती महिलाओं में कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes), समय से पहले प्रसव (Preterm Birth), कम वजन वाले बच्चे का जन्म, डिहाइड्रेशन और थकान कि समस्य आती है। इसी वजह से रिसर्चर्स ने सलाह दी है कि हीट वेव से प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी सावधानियां:
गर्मी के मौसम में गर्भवती महिलाओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें, अत्यधिक थकान से बचें। डॉक्टर की सलाह नियमित रूप से लेते रहें।
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी समस्या या नई गतिविधि को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।