आयरलैंड में भारतीय छात्रों और कामगारों की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच नई दिल्ली स्थित आयरिश दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। दूतावास ने कहा है कि आयरलैंड आज भी भारतीयों के लिए सुरक्षित, समावेशी और स्वागत करने वाला देश है और हाल की कुछ घटनाएं पूरे समाज की मानसिकता को नहीं दर्शातीं।
आयरलैंड में भारतीय समुदाय की मजबूत मौजूदगी
दूतावास के अनुसार, वर्तमान में एक लाख से अधिक भारतीय नागरिक आयरलैंड में रह रहे हैं, जो वहां की कुल आबादी का करीब 2 प्रतिशत हैं। भारतीय समुदाय स्वास्थ्य सेवा, आईटी, शिक्षा, शोध, व्यापार और टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अहम योगदान दे रहा है।
नस्लवाद की घटनाओं पर सरकार का सख्त रुख:
आयरिश दूतावास ने स्वीकार किया कि बीते वर्ष भारतीय नागरिकों के खिलाफ कुछ नस्लवादी हमले चिंताजनक रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामले कुछ असामाजिक तत्वों तक सीमित हैं। आयरलैंड सरकार और आम नागरिकों ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
छात्रों की बढ़ती परेशानियां:
भारतीय छात्रों ने आवास संकट, महंगाई, वीज़ा स्पॉन्सरशिप की दिक्कतों और नौकरी पाने में आने वाली चुनौतियों को लेकर चिंता जताई है। हाल ही में एक छह साल की भारतीय बच्ची पर नस्लीय टिप्पणी की घटना ने समुदाय को झकझोर दिया, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर सवाल और तेज हो गए।
ग्लोबल पीस इंडेक्स में आयरलैंड शीर्ष पर:
दूतावास ने ग्लोबल पीस इंडेक्स का हवाला देते हुए बताया कि आयरलैंड को दुनिया का सबसे शांत देश घोषित किया गया है। वहीं यूरोपीय संघ में यह सुरक्षा के मामले में दूसरे स्थान पर है, जो विदेशी छात्रों के लिए इसकी विश्वसनीयता को दर्शाता है।
भारतीय छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता:
आयरिश दूतावास ने दोहराया कि भारत-आयरलैंड के द्विपक्षीय संबंध बेहद मजबूत हैं और भारतीय समुदाय का योगदान अमूल्य है। छात्रों की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की घटना को रोका जा सके।