अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि विस्तृत जांच, डिजिटल साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ फर्स्ट डिग्री मर्डर का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी घटना के करीब नौ महीने बाद हुई है और फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।
बाथरूम में मिला था नवविवाहिता का शव
जांच के अनुसार, अक्टूबर 2025 में आरोपी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी पत्नी बाथरूम में बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर महिला का शव बरामद किया। शुरुआती बयान में आरोपी ने कहा था कि वह कुछ समय के लिए घर से बाहर गया था और लौटने पर पत्नी को मृत अवस्था में पाया।
हालांकि, अपार्टमेंट के स्मार्ट लॉक और सुरक्षा प्रणाली के रिकॉर्ड की जांच में पुलिस को पता चला कि घटना के दौरान घर में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा
मेडिकल जांच में सामने आया कि महिला की मौत दम घुटने से हुई थी और गला दबाए जाने के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मौत के बजाय हत्या मानते हुए विस्तृत जांच शुरू की।
शादी के बाद भी प्रेम संबंध बनाए रखने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी का भारत में रहने वाली एक महिला से पहले से संबंध था। पुलिस का दावा है कि विवाह के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई थी।
शव की तस्वीर भेजने का भी आरोप
पुलिस का आरोप है कि पत्नी की मौत के अगले दिन आरोपी ने मृतका के शव की तस्वीर अपनी कथित गर्लफ्रेंड को भेजी थी। पूछताछ के दौरान इस संबंध में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं।
चैट रिकॉर्ड भी बने जांच का हिस्सा
जांच में दंपति के बीच हुई चैट भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, महिला ने कई बार पति द्वारा बनाए गए पेय पदार्थों का स्वाद असामान्य और दवा जैसा होने की शिकायत की थी। घटना वाले दिन भी उसने इसी तरह का संदेश भेजा था। इन चैट्स को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
9 महीने तक जुटाए गए सबूत, फिर हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना के बाद कई महीनों तक कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद जुलाई 2026 में आरोपी से दोबारा पूछताछ की गई और उसे फर्स्ट डिग्री मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
जमानत के लिए करोड़ों रुपये की शर्त
स्थानीय अदालत ने आरोपी की जमानत के लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि निर्धारित की है। यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं तो उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। मामले की सुनवाई फिलहाल न्यायालय में लंबित है।