नई दिल्ली/तेल अवीव। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में उस वक्त बड़ा संकट खड़ा हो गया, जब कॉकपिट के अंदर एक पायलट ने अपने साथी पायलट पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे उतरने लगा और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद एक यात्री और क्रू सदस्यों ने स्थिति को संभालने में मदद की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विमान में मौजूद पायलट, यात्रियों और क्रू की त्वरित कार्रवाई से एक बेहद गंभीर हवाई त्रासदी टल गई। नेतन्याहू ने इस घटना की तुलना ‘9/11 जैसी आपदा’ के खतरे से की।
कॉकपिट में हुआ चाकू से हमला
रिपोर्टों के मुताबिक फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर घटना हुई। आरोप है कि सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। घटना के दौरान विमान ने अचानक हजारों फीट की ऊंचाई गंवा दी। CNN की रिपोर्ट के अनुसार विमान करीब 17,000 फीट तक नीचे गया। इसी दौरान यात्रियों को लगा कि विमान नियंत्रण से बाहर हो रहा है और केबिन में चीख-पुकार मच गई।
घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुताबिक, हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद इजरायली यात्री यानिव हयून कॉकपिट में पहुंचे। हयून पेशे से प्लंबर बताए गए हैं। नेतन्याहू के अनुसार उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर कथित हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान के कंट्रोल को संभालने की कोशिश की। इसके बाद विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाली और विमान को स्थिर किया।
सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति गंभीर होने के बाद विमान को तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। बाद में यात्रियों को सुरक्षित तरीके से इजरायल पहुंचाया गया। रॉयटर्स के मुताबिक विमान में 174 यात्री सवार थे और घटना के बावजूद सभी यात्री सुरक्षित रहे। घायल भारतीय पायलट को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई।
नेतन्याहू ने भारतीय पायलट और यात्री की तारीफ की
घटना के बाद नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार और यात्री यानिव हयून की भूमिका की सराहना की। नेतन्याहू ने हयून से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी की और उन्हें घटना के दौरान साहस दिखाने वाला व्यक्ति बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारतीय पायलट को ‘हीरो’ बताया और संकट के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद का रास्ता बनाने के उनके प्रयास की प्रशंसा की।
आरोपी पायलट से पूछताछ, मकसद अभी साफ नहीं
घटना के आरोपी सह-पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के पीछे की वजह या मकसद को लेकर जांच जारी है। फ्लाईदुबई ने भी घटना को कॉकपिट में हुई गंभीर झड़प बताया है और लोगों से जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभी तक घटना का ईरान से कोई ठोस संबंध सामने नहीं आया है।
9/11 जैसी त्रासदी का जिक्र क्यों?
नेतन्याहू ने घटना के संदर्भ में कहा कि विमान में मौजूद लोगों की त्वरित कार्रवाई ने ऐसी संभावित तबाही को रोक दिया, जिसकी गंभीरता 9/11 जैसी आपदा तक पहुंच सकती थी। हालांकि यह नेतन्याहू द्वारा घटना की गंभीरता बताने के लिए की गई तुलना है; जांच एजेंसियां अभी घटना के वास्तविक कारण और आरोपी के मकसद की जांच कर रही हैं।