होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Bhind Arms licenses Scame : भिंड जिले में बनाए गए फर्जी शस्त्र लाइसेंस का खुलासा

Bhind Arms licenses Scame : भिंड जिले में बनाए गए फर्जी शस्त्र लाइसेंस का खुलासा

शुभम जैन, भिंड : मध्य प्रदेश के भिंड जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने का बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जो प्रदेश से बाहर जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ है। आरोप है कि करीब 3 लाख रुपये लेकर ऑल इंडिया परमिशन वाले फर्जी हथियार लाइसेंस तैयार किए गए, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

लाइसेंसों पर भिंड का नाम अंकित

जानकारी के अनुसार, इन फर्जी लाइसेंसों पर भिंड जिले का नाम अंकित है और उन पर क्यूआर कोड भी लगाया गया है, लेकिन जब इन क्यूआर कोड्स को स्कैन किया गया तो जिला प्रशासन और पुलिस रिकॉर्ड में ऐसे किसी भी लाइसेंस का कोई विवरण मौजूद नहीं मिला।

जम्मू कश्मीर तक फैला नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क भिंड, ग्वालियर, उत्तर प्रदेश के इटावा–लखना और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ है। आरोप है कि सैकड़ों फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर उनके आधार पर हथियार खरीदे गए, जबकि कलेक्टर और एसपी कार्यालय के रिकॉर्ड में इन लाइसेंसों का कोई पंजीयन नहीं है। फर्जी लाइसेंसों को NDAL-ALISH पोर्टल से जारी और प्रिंट बताया गया, लेकिन जब पोर्टल पर लाइसेंस नंबर डाला गया तो “लाइसेंस नॉट फाउंड” का संदेश सामने आया। इससे साफ है कि तकनीकी तरीके से भी फर्जीवाड़ा किया गया।

ग्रेड-3 कर्मचारी की अहम भूमिका

इस पूरे मामले को उजागर करने में जिला आर्म्स शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी की अहम भूमिका रही, जिसने देहात थाना में फर्जी हथियार लाइसेंस तैयार कर अवैध रूप से धन वसूली और धोखाधड़ी करने को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर देहात थाना पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जिन लोगों ने फर्जी लाइसेंस बनवाए हैं और जिन हथियारों की खरीद इन लाइसेंसों पर की गई है, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने लोग फर्जी क्यूआर कोड लगाकर बनाए गए लाइसेंस का उपयोग कर रहे थे। वहीं, इस पूरे मामले पर जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना और एडीएम एल.के. पाण्डेय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें कि जिला आर्म्स शाखा का मुख्य अधिकारी जिला अपर कलेक्टर होता है, लेकिन जिम्मेदारी और जवाबदेही के सवाल पर प्रशासनिक चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है।


संबंधित समाचार