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खाद्य तेल के कम वजन वाले पाउच पर बैन से पहले कंपनियों का खेल! 800 एमएल पैक के दाम 132 रुपए तक पहुंचे

खाद्य तेल के कम वजन वाले पाउच पर बैन से पहले कंपनियों का खेल! 800 एमएल पैक के दाम 132 रुपए तक पहुंचे

रायपुर: खाद्य तेल के कम वजन वाले पाउच पर प्रतिबंध लागू होने से पहले ही बाजार में कंपनियों की रणनीति का असर दिखाई देने लगा है। त्योहारी सीजन को देखते हुए कम वजन वाले पाउच का बड़ा स्टॉक पहले से बाजार में उतार दिए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में प्रतिबंध लागू होने के बाद भी उपभोक्ताओं को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है।

बाजार में एक तरफ कुछ कंपनियों ने एक लीटर वाले पाउच की सप्लाई शुरू नहीं की है, वहीं कुछ कंपनियां इसकी सीमित मात्रा में ही आपूर्ति कर रही हैं। इससे कम वजन वाले पाउच की बिक्री को बढ़ावा मिलने की आशंका है।

पहले एक लीटर पैक पर था ज्यादा जोर

खाद्य तेल कंपनियां पहले मुख्य रूप से एक लीटर के पाउच बाजार में उतारती थीं। इसके अलावा पांच लीटर के डिब्बे और 15 लीटर या 15 किलो के टिन भी उपलब्ध रहते हैं। बाद में कम आय वाले परिवारों को ध्यान में रखते हुए कंपनियों को कम मात्रा वाले पाउच बनाने की अनुमति दी गई। इसका उद्देश्य था कि जिन परिवारों के लिए एक लीटर तेल खरीदना मुश्किल है, वे अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से कम मात्रा में तेल खरीद सकें।

राहत के लिए मिली छूट बनी कीमत बढ़ने का जरिया

कम वजन के पाउच की अनुमति का फायदा उपभोक्ताओं को मिलना था, लेकिन बाजार में इसका अलग असर देखने को मिला। अलग-अलग कंपनियों ने अपनी सुविधा के अनुसार पाउच का वजन तय करना शुरू कर दिया। इससे प्रति लीटर कीमत की वास्तविक तुलना मुश्किल हो गई और कम मात्रा में तेल खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा। हरेली तेल इसका एक उदाहरण बताया जा रहा है। पहले हरेली तेल की कीमत कीर्ति गोल्ड सोया तेल से करीब पांच रुपए कम रहती थी, लेकिन पाउच का वजन घटने के बाद इसकी वास्तविक प्रति लीटर कीमत ज्यादा हो गई।

हरेली का एक लीटर पैक बंद, 800 एमएल का पाउच बाजार में

बाजार में हरेली तेल का एक लीटर वाला पाउच बंद कर उसकी जगह 730 ग्राम यानी करीब 800 एमएल का पैक उतारा गया। शुरुआत में इस पैक की खुदरा कीमत 124-125 रुपए के आसपास थी। बाद में इसकी कीमत बढ़कर 126 से 128 रुपए हुई और अब कम वजन वाले पाउच पर प्रतिबंध से पहले इसका खुदरा दाम करीब 132 रुपए तक पहुंच गया है। अगर 800 एमएल के 132 रुपए को एक लीटर के हिसाब से देखें तो इसकी प्रभावी कीमत करीब 165 रुपए प्रति लीटर बैठती है।

कीर्ति गोल्ड से भी महंगा पड़ रहा हरेली

मौजूदा बाजार कीमतों की तुलना करें तो हरेली तेल की प्रभावी प्रति लीटर कीमत कीर्ति गोल्ड से भी ज्यादा हो गई है। जानकारी के मुताबिक कीर्ति गोल्ड सोया तेल का एक लीटर पैक फिलहाल थोक में करीब 150 रुपए और खुदरा बाजार में करीब 155 रुपए में बिक रहा है। यानी कम वजन वाले पाउच के कारण उपभोक्ता को कम मात्रा में तेल मिलने के बावजूद प्रति लीटर के हिसाब से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

प्रतिबंध के बाद पुराने स्टॉक का क्या होगा?

कम वजन वाले खाद्य तेल पाउच पर प्रतिबंध से पहले कंपनियों द्वारा बाजार में बड़ी मात्रा में स्टॉक किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में प्रतिबंध लागू होने के बाद भी बाजार में पुराने पाउच मौजूद रह सकते हैं। त्योहारी सीजन में खाद्य तेल की मांग बढ़ने के बीच उपभोक्ताओं को इस बदलाव का लाभ तुरंत मिलने के बजाय पुराने स्टॉक के खत्म होने का इंतजार करना पड़ सकता है। अब नजर इस बात पर है कि कंपनियां नए नियमों के तहत एक लीटर और उससे अधिक वजन वाले पाउच की सप्लाई कितनी तेजी से बढ़ाती हैं।


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