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13 साल का इंतजार लाया रंग ! ईस्ट जोन ने जीता दलीप ट्रॉफी का फाइनल, साउथ जोन को दी मात

13 साल का इंतजार लाया रंग ! ईस्ट जोन ने जीता दलीप ट्रॉफी का फाइनल, साउथ जोन को दी मात

Duleep Trophy winner: घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी को आखिरकार एक नया विजेता मिल गया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपने दमदार खेल के दम पर साउथ जोन को मात देते हुए करीब 13 साल के लंबे इंतजार के बाद ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया। कप्तान ईशान किशन की अगुवाई में टीम ने पूरे मुकाबले में ऐसा दबदबा बनाया कि साउथ जोन के पास वापसी का कोई मौका नहीं बचा। टीम ने मैच की पहली पारी में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पहाड़ जैसा विशाल स्कोर खड़ा किया और इसी के दम पर मुकाबले में अपनी पकड़ पहले ही मजबूत कर ली थी।

ईशान किशन के दोहरे शतक से बना विशाल स्कोर

ईस्ट जोन ने फाइनल मुकाबले में बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक लगाया और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके साथ कुमार कुशाग्र ने 101 रनों की शतकीय पारी खेली, जबकि शिखर मोहन ने 85 रन बनाकर टीम के कुल स्कोर में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

708 रनों के जवाब में साउथ जोन की पहली पारी 336 रनों पर ही खत्म हो गई। इससे ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रनों की बड़ी बढ़त मिल गई। फाइनल मुकाबले में बल्लेबाजों के साथ-साथ टीम के गेंदबाजों ने भी कहर बरपाया। मुकेश कुमार ने तीन विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी, मोहम्मद कौनैन कुरैशी और शिखर मोहन ने दो-दो विकेट चटकाए।

दूसरी पारी में भी ईस्ट जोन का दबदबा

इतनी बड़ी बढ़त मिलने के बाद भी ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी जारी रखी। पांचवें दिन पारी घोषित करने से पहले टीम ने स्कोर में और रन जोड़े। इस दौरान ईशान किशन ने फिर 80 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे उन्होंने लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी वापसी का मजबूत संकेत दिया।

इस मैच में मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर का पहला शतक लगाया। उन्होंने 189 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौकों और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 116 रन बनाए। अनुकूल रॉय ने भी 64 रनों का योगदान दिया। इन शानदार प्रदर्शनों की बदौलत ईस्ट जोन की कुल बढ़त 700 रनों के पार पहुंच गई।साउथ जोन के गेंदबाजों को पूरे मैच के दौरान काफी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने पहली पारी में 163 ओवर और दूसरी पारी में 99.2 ओवर गेंदबाजी की। कुल मिलाकर साउथ जोन के लिए त्रिपुरना विजय सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने दोनों पारियों में कुल पांच विकेट चटकाए।

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पहली पारी की बढ़त से मिली ऐतिहासिक जीत

ईस्ट जोन ने पांचवें दिन अपनी दूसरी पारी घोषित की। इसके बाद साउथ जोन के सामने पहली पारी की 372 रनों की कमी को पूरा करने की कोई वास्तविक संभावना नहीं थी। इसके बाद दोनों कप्तानों ने आपसी सहमति से मैच खत्म करने का फैसला किया और पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया।ट्रॉफी की जीत पक्की होते ही ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने मैदान पर जमकर जश्न मनाया। कप्तान ईशान किशन समेत टीम के कई खिलाड़ी स्टंप्स हाथ में लेकर खुशी मनाते और डांस करते नजर आए।

13 साल बाद जीती अपनी तीसरी ट्रॉफी

इस ऐतिहासिक जीत के साथ ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। टीम ने इससे पहले 2011-12 और 2012-13 में यह ट्रॉफी जीती थी। इस तरह यह ईस्ट जोन का दलीप ट्रॉफी में तीसरा खिताब है।कप्तान ईशान किशन के लिए भी यह फाइनल बेहद खास रहा। उनके दोहरे शतक और दूसरी पारी में 80 रन की पारी ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।


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