नई दिल्ली/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए गर्व का क्षण तब आया जब दंतेवाड़ा जिले के हीरानगर की प्रसिद्ध समाजसेविका डॉ. बुधरी ताती को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। डॉ. बुधरी ताती को महिला सशक्तिकरण, आदिवासी समुदाय के विकास और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके लंबे एवं समर्पित योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। उनके सम्मान से पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है।
चार दशक से समाजसेवा में सक्रिय
डॉ. बुधरी ताती वर्ष 1984 से बस्तर के वनांचल क्षेत्रों में लगातार समाजसेवा कर रही हैं। उन्होंने दूरस्थ आदिवासी इलाकों में शिक्षा, महिला विकास और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके प्रयासों से अब तक 500 से अधिक महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने आदिवासी बच्चियों की शिक्षा और बुजुर्गों की सेवा को भी अपने जीवन का उद्देश्य बनाया है।
‘बड़ी दीदी’ के नाम से प्रसिद्ध हैं बुधरी ताती
बस्तर क्षेत्र में डॉ. बुधरी ताती को लोग प्यार और सम्मान से ‘बड़ी दीदी’ के नाम से जानते हैं। उनकी सेवा भावना, सादगी और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें आम लोगों के बीच विशेष पहचान दिलाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समर्पित कर दिया।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉ. बुधरी ताती को इससे पहले भी उनके सामाजिक कार्यों के लिए राज्य और विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। अब पद्मश्री सम्मान मिलने से उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
2026 में घोषित हुए 131 पद्म पुरस्कार
भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री श्रेणी के सम्मान शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जो कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, खेल, समाजसेवा और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। डॉ. बुधरी ताती को मिला पद्मश्री सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि बस्तर की संस्कृति, सेवा भावना और आदिवासी समाज के संघर्षों को मिली राष्ट्रीय पहचान है। उनका जीवन समाज के लिए समर्पण, सेवा और परिवर्तन की प्रेरक मिसाल है।