रंग पंचमी का पर्व इस साल 8 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल होली के पांच दिन के बाद मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन होली खेलने के लिए देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं, जिनका स्वागत करने के लिए लोग हवा में अलग-अलग रंगों के गुलाल उड़ाकर इस महापर्व को मनाते हैं। कहा जाता है कि इस दिन अगर विधि विधान से पूजा अर्चना कर भगवानों को गुलाल अर्पित करें और फल-मिठाइयों का भोग लगाएं, तो देवी-देवता खूब प्रसन्न होते हैं और कृपा बरसाते है। रंग पंचमी का पर्व हमेशा चैत्र मास के कृष्णपक्ष को मनाया जाता है। तो चलिए जानते है उन उपायों के बारे में , , ,
विवाह की बाधाएं ऐसे करें दूर
जिन लोगों के विवाह होने में परेशानी आ रही है। उन लोगों को रंग पंचमी पर वटवृक्ष की 108 परिक्रमा लाल रंग का धागा भगवान विष्णु का नाम लेकर बांधना होगा। इससे विवाह होने में आ रही परेशानी दूर हो जाएगी।
बाधाओं के लिए
रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का पूजन जरूर करें। ऐसा पूजन करने के पश्चात भगवान को गुलाल चढ़ाएं और कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें। यह उपाय जीवन में चल रही सारी बाधाओं को दूर कर देगा और खुशहाली लेकर आएगा।
वैवाहिक जीवन के लिए
अगर आपके वैवाहिक जीवन में किसी तरह की समस्या चल रही है और पार्टनर के साथ आपका बात-बात पर क्लेश हो रहा है। तो आप श्री कृष्णा और राधा रानी की पूजन कर उन्हें लाल वस्त्र पहनाएं। ऐसा करने से वैवाहिक संबंधों में सुधार होगा और प्यार बढ़ेगा।
धन के लिए
जो लोग धन संबंधी समस्या से परेशान है। उन्हें इस दौरान पीले कपड़े में हल्दी की गांठ और सिक्का रखकर बांधना होगा। अब माता लक्ष्मी की अच्छी तरह से पूजन करें। पूजन के बाद इस पोटली को तिजोरी में रख दें। इसके अलावा माता लक्ष्मी को सफेद रंग की मिठाई या खीर का भोग भी लगाना चाहिए। इससे परेशानी दूर होगी और कृपा बरसेगी।