बेंगलुरु। कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार सोमवार को अपने पहले बड़े मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पद संभालने के करीब दो महीने बाद शिवकुमार अपनी कैबिनेट में 20 नए मंत्रियों को शामिल करने जा रहे हैं। नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम लोक भवन परिसर में आयोजित होगा। इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिमंडल अपनी संवैधानिक सीमा तक पहुंच जाएगा।
कैबिनेट में कुल 34 सदस्य होंगे
संविधान के अनुसार कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत 14 मंत्री कार्यरत हैं। सोमवार को 20 नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद कैबिनेट की कुल संख्या बढ़कर 34 हो जाएगी।
कांग्रेस हाईकमान ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के माध्यम से मंत्रिमंडल विस्तार को मंजूरी दे दी है और नए मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री को भेज दी गई है।
इन नेताओं को मिलेगा मंत्री पद
शपथ लेने वाले नेताओं में पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगदगी, रुद्रप्पा लमानी, केएस बासवंथप्पा, बी नागेंद्र, टी रघुमूर्ति, बीजे ज़मीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगरप्पा, पुत्तुरंगाशेट्टी, एसएस मल्लिकार्जुन, अजय सिंह, एन चलुवरया स्वामी, केएम शिवालिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, गायत्री शांतेगौड़ा, बसवराज रायारेड्डी, विजयनंद काशप्पनवर और लक्ष्मण सावदी शामिल हैं।
विधानसभा और विधान परिषद में भी नई नियुक्तियां
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ कांग्रेस नेतृत्व ने विधानसभा और विधान परिषद के प्रमुख पदों पर भी नए नाम तय किए हैं।
जीएस पाटिल को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के लिए मंजूरी दी गई है।
एएस पोनन्ना को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है।
विधान परिषद के सभापति पद के लिए सलीम अहमद और उपसभापति पद के लिए उमाश्री के नाम को भी स्वीकृति मिल गई है।
नेतृत्व परिवर्तन के बाद पहला बड़ा विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद 3 जून 2026 को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ पहले चरण में 13 मंत्रियों को शामिल किया गया था। अब दूसरे चरण में कैबिनेट का पूर्ण विस्तार किया जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व ने 2023 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया था। इसी क्रम में शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद संभाला। हाल ही में सिद्धारमैया द्वारा 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के संकेत देने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि वे आगे भी पार्टी के वरिष्ठ मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहेंगे।
हाईकमान की रणनीति पर नजर
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह मंत्रिमंडल विस्तार क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। आगामी चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने के लिहाज से भी इसे कांग्रेस का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।