छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और कई स्थानों पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जाएगा।
सरकार पर जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि नई बिजली दरों से आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों की आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। पार्टी ने आरोप लगाया कि महंगाई के दौर में बिजली शुल्क बढ़ाकर सरकार ने जनता पर अतिरिक्त भार डाल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है।
प्रदेशभर के नेता और कार्यकर्ता होंगे शामिल
आंदोलन में कांग्रेस के जिला, शहर और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न मोर्चा संगठनों और प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। पार्टी नेतृत्व ने इसे जनहित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी की है।
दूसरे चरण में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन
कांग्रेस ने आंदोलन को दो चरणों में आयोजित करने का फैसला किया है। पहले चरण में धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जिला स्तर पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रेस वार्ता आयोजित कर बिजली दर वृद्धि के खिलाफ पार्टी का पक्ष जनता के सामने रखा जाएगा।
नई दरें जुलाई से होंगी लागू
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित बिजली दरों को मंजूरी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक अतिरिक्त शुल्क लगेगा। वहीं व्यावसायिक श्रेणी के उपभोक्ताओं और कृषि पंपों के लिए भी बिजली दरों में वृद्धि की गई है। यह नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
आयोग ने बढ़ोतरी को बताया आवश्यक
विद्युत नियामक आयोग का कहना है कि बिजली उत्पादन और वितरण की लागत बढ़ने के कारण दरों में संशोधन आवश्यक था। हालांकि आयोग ने बिजली कंपनी द्वारा प्रस्तावित बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी नहीं दी और सीमित वृद्धि को ही स्वीकृत किया है। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि बिजली बिल हाफ योजना का लाभ लेने वाले अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा।