होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

CM Sai का बड़ा ऐलान: श्रमिकों को अब मिलेगा 1.50 लाख रुपये तक का लाभ

CM Sai का बड़ा ऐलान: श्रमिकों को अब मिलेगा 1.50 लाख रुपये तक का लाभ

रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और उनके परिवारों के हित से जुड़ी योजनाओं की सहायता राशि बढ़ाने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना के तहत मिलने वाली राशि में 50-50 हजार रुपये की वृद्धि की जाएगी। इसके बाद दोनों योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को अब 1 लाख रुपये की जगह 1.50 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।

1.84 लाख से ज्यादा श्रमिकों को मिला लाभ

श्रमिक महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1 लाख 84 हजार 220 श्रमिकों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के तहत 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपये से अधिक की राशि DBT के माध्यम से ट्रांसफर की। इन योजनाओं में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, निर्माण श्रमिक मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना और छात्रवृत्ति योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।

दीदी ई-रिक्शा योजना की राशि बढ़ी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की कि दीदी ई-रिक्शा योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये किया जाएगा। योजना का उद्देश्य पात्र श्रमिक परिवारों और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता करना है।

मकान बनाने के लिए अब 1.50 लाख रुपये

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना के तहत मिलने वाली आवास निर्माण सहायता में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। पहले पात्र श्रमिकों को मकान निर्माण के लिए 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब 1.50 लाख रुपये किया जाएगा। इस घोषणा से पात्र निर्माण श्रमिकों को अपने आवास निर्माण के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकेगी।

श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच और इलाज का खर्च उठाएगा श्रम विभाग

सीएम साय ने श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर भी अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इस व्यवस्था का उद्देश्य पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।

अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु पर भी सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को कई सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब कार्यस्थल पर अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आवास और जरूरी सुविधाओं से जोड़ना है।

श्रमिकों को बताया विकास की रीढ़

श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में श्रमवीरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत और भागीदारी से प्रदेश के विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है।


संबंधित समाचार