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Angh Oscar Entry: नागालैंड की ‘अंग’ ने ऑस्कर 2027 में बनाई जगह, ‘गोंधल’ के साथ दिखेगी भारतीय सिनेमा की दो तस्वीरें

Angh Oscar Entry: नागालैंड की ‘अंग’ ने ऑस्कर 2027 में बनाई जगह, ‘गोंधल’ के साथ दिखेगी भारतीय सिनेमा की दो तस्वीरें

Angh Oscar Entry: नागालैंड के फिल्ममेकर देजा रियो की डेब्यू फीचर फिल्म ‘अंग’ (Angh) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिल्म ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 की Platform Competition में शीर्ष पुरस्कार अपने नाम किया। इस जीत के साथ फिल्म को 2027 के अकादमी अवॉर्ड्स की International Feature Film कैटेगरी में सीधे विचार के लिए पात्रता मिली है।खास बात यह है कि भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री मराठी फिल्म ‘गोंधल’ है। ऐसे में इस बार भारत से जुड़ी दो फिल्में अलग-अलग रास्तों के जरिए ऑस्कर की International Feature Film रेस में दिखाई दे रही हैं। ‘गोंधल’ को Film Federation of India ने आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर चुना है, जबकि ‘अंग’ ने TIFF के पुरस्कार के जरिए ऑस्कर की पात्रता हासिल की है।

1960 के दशक के नागालैंड की कहानी है ‘अंग’

देजा रियो की फिल्म की कहानी 1960 के दशक के नागालैंड की पृष्ठभूमि में बुनी गई है। इसमें एक बुजुर्ग कोन्याक गांव के प्रमुख और उसके बेटे के जीवन के जरिए बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल को दिखाया गया है। फिल्म में परंपरा, आस्था, परिवार, अपनी जड़ों से जुड़ाव और तेजी से बदलती दुनिया जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। फिल्म को 16mm पर शूट किया गया है और इसमें स्थानीय नागा कलाकारों के साथ BAFTA विजेता अभिनेता डगलस हेंशल भी नजर आते हैं।

देजा रियो की पहली फीचर फिल्म

‘अंग’ देजा रियो के निर्देशन में बनी पहली फीचर फिल्म है। इससे पहले वह इसी नाम की शॉर्ट फिल्म के जरिए पहचान बना चुके हैं। फीचर फिल्म में उन्होंने अपनी कहानी को बड़े कैनवास पर विस्तार दिया है। फिल्म की निर्माता नैन्सी निसा बेसो हैं। फिल्म के निर्माताओं के मुताबिक, ‘अंग’ की कहानी पर टीम ने लंबे समय तक काम किया और इसे नागालैंड, वहां के लोगों और उनकी संस्कृति से गहराई से जोड़कर बनाया गया है।

TIFF में मिली बड़ी पहचान

TIFF की Platform Competition दुनिया भर की ऐसी फिल्मों को मंच देती है, जिनमें मजबूत निर्देशन और अलग सिनेमाई दृष्टिकोण देखने को मिलता है। 2026 में ‘अंग’ इस प्रतियोगिता में चुनी गई इकलौती भारतीय फिल्म थी और इसी प्रतियोगिता का पुरस्कार जीतकर उसने ऑस्कर की पात्रता हासिल की। TIFF जूरी ने फिल्म की अलग दृष्टि, प्रभावशाली फिल्म निर्माण और एक कम देखी गई दुनिया को पर्दे पर पेश करने के तरीके की सराहना की। देजा रियो ने इस पहचान को अपने लिए और फिल्म से जुड़े लोगों के लिए बेहद खास बताया।

ऑस्कर में सीधे कैसे पहुंची ‘अंग’?

‘अंग’ की ऑस्कर यात्रा इसलिए खास है क्योंकि यह भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री नहीं है। 2026 से लागू किए गए नए नियमों के तहत चुनिंदा बड़े अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों की निर्धारित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को International Feature Film कैटेगरी में अकादमी अवॉर्ड्स के लिए सीधे पात्रता मिल सकती है। TIFF की Platform Competition भी इस व्यवस्था में शामिल है। इसलिए ‘अंग’ के Platform Award जीतने के बाद उसे ऑस्कर 2027 की International Feature Film कैटेगरी में विचार के लिए सीधा रास्ता मिला। हालांकि, पात्रता मिलना और ऑस्कर नामांकन हासिल करना अलग-अलग चरण हैं। अंतिम नामांकन के लिए फिल्म को अकादमी की आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

भारत की आधिकारिक एंट्री है ‘गोंधल’

दूसरी ओर, संतोष डावखर की मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुना गया है। Film Federation of India ने 33 फिल्मों में से ‘गोंधल’ का चयन किया था। फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक ‘गोंधल’ लोककला और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी कहानी पेश करती है। निर्देशक संतोष डावखर को 2025 के International Film Festival of India में Silver Peacock for Best Director भी मिल चुका है।

भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के लिए खास मौका

‘अंग’ और ‘गोंधल’ की ऑस्कर यात्रा भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की अलग-अलग भाषाओं और सांस्कृतिक कहानियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने के दो रास्ते दिखाती है। जहां ‘गोंधल’ भारत की आधिकारिक चयन प्रक्रिया से आगे बढ़ी है, वहीं ‘अंग’ ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल की प्रतियोगिता जीतकर ऑस्कर पात्रता हासिल की है। अब दोनों फिल्मों की आगे की यात्रा अकादमी की प्रक्रिया पर निर्भय करेगी।


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