पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी हिस्से में आए भूकंप ने नई बहस को जन्म दे दिया है। 4.3 तीव्रता के इस झटके के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या यह सामान्य भूकंपीय गतिविधि थी या किसी गुप्त परमाणु परीक्षण का संकेत। हालांकि, अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने ऐसे किसी परीक्षण की पुष्टि नहीं की है।
फार्स प्रांत के गराश में महसूस हुए झटके
अमेरिकी वैज्ञानिक संस्था United States Geological Survey के अनुसार, यह भूकंप 3 मार्च 2026 को दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। झटके फार्स प्रांत के गराश क्षेत्र में महसूस किए गए, जो भूकंपीय रूप से सक्रिय इलाके में आता है। यहां पहले भी मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं।
परमाणु परीक्षण की अटकलें क्यों?
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भूमिगत परमाणु परीक्षण के दौरान भी इसी तरह की तीव्रता के झटके दर्ज हो सकते हैं। चूंकि इस समय इजराइल और अमेरिका के साथ ईरान के संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं, इसलिए किसी भी असामान्य गतिविधि को सैन्य नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि वैज्ञानिक आंकड़ों में फिलहाल विस्फोट जैसे संकेत नहीं मिले हैं।
टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर वाला इलाका
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, गराश क्षेत्र जाग्रोस फोल्ड बेल्ट पर स्थित है, जहां अरब और यूरेशियन प्लेटों की टक्कर होती है। इस वजह से यहां 4 से 5 मैग्नीट्यूड तक के भूकंप आना असामान्य नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना ठोस साक्ष्य के इसे परमाणु गतिविधि से जोड़ना जल्दबाजी होगी।
अंतरराष्ट्रीय नजरें टिकीं
मिडिल ईस्ट में पहले से चल रहे तनाव और साइबर गतिविधियों की खबरों के बीच यह भूकंप चर्चा का विषय बन गया है। यदि भविष्य में किसी सैन्य परीक्षण के प्रमाण सामने आते हैं तो इसका असर वैश्विक कूटनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल वैज्ञानिक जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।