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14 राज्यों में बड़ा आतंकी नेटवर्क बेनकाब, 200 से ज्यादा गिरफ्तार; IED और पाकिस्तान मार्किंग वाले ग्रेनेड बरामद

14 राज्यों में बड़ा आतंकी नेटवर्क बेनकाब, 200 से ज्यादा गिरफ्तार; IED और पाकिस्तान मार्किंग वाले ग्रेनेड बरामद

देश में स्वतंत्रता दिवस के आसपास संभावित आतंकी साजिशों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है।

गृह मंत्री के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों की पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने रियल-टाइम इनपुट के आधार पर कई स्थानों पर कार्रवाई की। इस अभियान में संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किए जाने और 80 से ज्यादा मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी

सुरक्षा एजेंसियों ने देश के 14 राज्यों में संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एजेंसियों को बड़ी मात्रा में संदिग्ध आपत्तिजनक सामान मिला।

जांच एजेंसियों के अनुसार, छापेमारी में IED, जिंदा कारतूस, विदेशी पिस्तौल और पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे CCTV कैमरे भी जब्त किए गए। अधिकारियों को संदेह है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल निगरानी और जासूसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

असम से शुरू हुई जांच, फिर खुलता गया नेटवर्क

इस पूरे मामले की शुरुआती कड़ियां असम के नलबारी में सामने आई जांच से जुड़ी बताई गई हैं। इसके बाद असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने जुलाई में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कई जिलों में कार्रवाई की।

24 और 25 जुलाई को धुबरी, चिरांग और बारपेटा में हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े तीन संदिग्धों को पकड़ा गया था। तलाशी के दौरान उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और पहचान से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी।

युवाओं को ऑनलाइन निशाना बनाने का आरोप

जांच में सुरक्षा एजेंसियों के सामने नेटवर्क की कथित गतिविधियों को लेकर कई गंभीर जानकारी आई। अधिकारियों के अनुसार, सिंडिकेट ऑनलाइन माध्यमों से युवाओं को प्रभावित करने, अवैध हथियारों की तस्करी, फंडिंग, जासूसी और स्लीपर सेल तैयार करने जैसी गतिविधियों में शामिल था।

बताया गया कि संदिग्धों के बीच संपर्क के लिए एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और इसके वित्तीय एवं डिजिटल कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं।

कई संगठनों के नाम का इस्तेमाल करने का दावा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क ने अपनी वास्तविक पहचान और सीमा पार संपर्कों को छिपाने के लिए कथित तौर पर अलग-अलग नामों और फ्रंट संगठनों का सहारा लिया।

जांच में खालिस्तान आर्म्ड फोर्स, पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस, खालिस्तान लिबरेशन आर्मी, शेर-ए-पंजाब ब्रिगेड, यूनाइटेड सिख ब्रदरहुड, सिख टाइगर्स ऑफ खालिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) जैसे नाम सामने आने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, TTH ने फरवरी और मई में पंजाब पुलिस के जवानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की जिम्मेदारी भी ली थी।

पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज

पूरे ऑपरेशन में सबसे अहम पहलू कथित पाकिस्तान कनेक्शन है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर्स किस तरह भारत में मौजूद संदिग्धों के संपर्क में थे और उन्हें किस तरह निर्देश या संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां बरामद डिजिटल उपकरणों, बैंकिंग दस्तावेजों और संचार माध्यमों की जांच के जरिए नेटवर्क के पूरे ढांचे को समझने की कोशिश कर रही हैं।

गृह मंत्री बोले- आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

अमित शाह ने कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए केंद्र सरकार की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति दोहराई। सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई को स्वतंत्रता दिवस से पहले संभावित हिंसक गतिविधियों को रोकने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 


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