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12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में जांच तेज, कई छात्र-शिक्षक रडार पर

12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में जांच तेज, कई छात्र-शिक्षक रडार पर

माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच लगातार गहराती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी वेणु जंघेल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस को ऐसे कई छात्रों और शिक्षकों के नाम मिले हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन शिक्षकों का प्रश्नपत्र तैयार करने या परीक्षा प्रक्रिया से कोई संबंध था या नहीं।

गिरफ्तारी से बचने लगातार बदल रहा था ठिकाना

जांच में सामने आया है कि मामला उजागर होने के बाद वेणु जंघेल लगातार अलग-अलग जिलों में छिपता फिर रहा था। वह पहले जगदलपुर और कांकेर में रुका और बाद में बिलासपुर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि वह वहां अग्रिम जमानत की तैयारी कर रहा था और एक वकील के घर में छिपा हुआ था। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

एनएसयूआई नेता की भूमिका पर भी सवाल

पूछताछ के दौरान एक और एनएसयूआई नेता का नाम सामने आने से मामला और गर्मा गया है। सूत्रों के मुताबिक, उक्त नेता ने खुद को बचाने और शक से दूर रखने के लिए पेपर लीक मामले के विरोध में चल रहे आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी दिखाई थी। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाने में लगी हुई है।

जगदलपुर के हॉस्टल से शुरू हुआ वायरल मैसेज

पुलिस की साइबर जांच में यह खुलासा हुआ कि हिंदी पेपर सबसे पहले जगदलपुर के एक सरकारी बॉयज हॉस्टल से व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और संबंधित छात्र से पूछताछ की। छात्र ने उस व्यक्ति की जानकारी दी, जिससे उसे प्रश्नपत्र मिला था। इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

कई जिलों तक फैला हुआ था नेटवर्क

पेपर लीक मामले की कड़ियां एक के बाद एक कई जिलों से जुड़ती चली गईं। पुलिस ने जगदलपुर, कांकेर, राजनांदगांव और दुर्ग के छात्रों से पूछताछ की। लगातार मिले इनपुट और तकनीकी जांच के बाद पुलिस वेणु जंघेल तक पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला संगठित नेटवर्क के जरिए संचालित किया गया।

शिक्षकों की मदद से मिला प्रश्नपत्र

जांच में यह भी सामने आया कि वेणु जंघेल का अपने क्षेत्र के कुछ शिक्षकों से परिचय था। पुलिस को शक है कि इन्हीं संपर्कों की मदद से आरोपी ने 12वीं हिंदी का प्रश्नपत्र हासिल किया। इसके बाद उसने परीक्षार्थियों को दो से तीन हजार रुपये लेकर पेपर उपलब्ध कराया।

बैंक खातों की भी हो रही जांच

पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे रैकेट में कितने पैसों का लेनदेन हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं और जल्द ही इस मामले में नई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।


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