कमलेश मोदी, मंदसौर: मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध जारी महा-अभियान के तहत सीतामऊ थाना पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। नार्को-तस्करों के गढ़ माने जाने वाले मंदसौर जिले में पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस की विशेष टीम ने हरियाणा पासिंग के एक आयशर ट्रक को रोककर उसकी विधिक तलाशी ली, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। ट्रक के भीतर भारी मात्रा में भरे गए प्याज के कट्टों के नीचे बेहद शातिर तरीके से करीब 16 क्विंटल अवैध डोडाचूरा छुपाकर दिल्ली और पंजाब तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
इनपुट पर नाकेबंदी
सीतामऊ थाना प्रभारी को विश्वसनीय मुखबिर से बेहद गुप्त और सटीक सूचना मिली थी कि हरियाणा नंबर के एक बंद बॉडी ट्रक में प्याज की खेप के बीच भारी मात्रा में प्रतिबंधित अफीम डोडाचूरा लादकर बाहर भेजा जा रहा है। पुलिस की टीमों ने बिना एक पल गंवाए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एंट्री पॉइंट से ठीक पहले रणनीतिक नाकेबंदी कर दी। जैसे ही चिन्हित ट्रक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। शुरुआती जांच में ऊपर सिर्फ प्याज के बोरे नजर आ रहे थे, लेकिन जब पुलिस ने कट्टों को नीचे से खंगाला, तो उसमें से डोडाचूरा के प्लास्टिक बैग बरामद होने लगे।
कस्टडी में दो आरोपी
इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने मौके से ही ट्रक को विधिक रूप से जब्त करते हुए केबिन में सवार दो मुख्य अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी पंजाब का मूल निवासी है, जो माल की डिलीवरी लेने आया था। वहीं, दूसरा आरोपी मंदसौर जिले का ही स्थानीय निवासी बताया जा रहा है, जिसने स्थानीय स्तर पर खेतों से इस अवैध मादक पदार्थ को इकट्ठा कर ट्रक में लोड करवाया था। सीतामऊ पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर इस पूरे नार्को नेटवर्क की कड़ियों, अफीम उत्पादक किसानों और पंजाब-दिल्ली में बैठे मुख्य ड्रग सप्लायर्स के नामों का पता लगा रही है।
ऑन-रोड कागजी कार्रवाई
कोर्ट में साक्ष्यों को मजबूत रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एनएच के किनारे ही पूरी कार्रवाई की लाइव वीडियो ग्राफी कराई जा रही है। मौके पर ही कांटा मंगाकर प्याज के कट्टों और 16 क्विंटल डोडाचूरा की कड़ियों को अलग-अलग कर तौल की जा रही है, जिसके चलते एक्सप्रेसवे रूट पर भारी हलचल देखी जा रही है। बता दें कि मंदसौर और नीमच जिले लंबे समय से अफीम और डोडाचूरा की अवैध तस्करी के लिए संवेदनशील माने जाते हैं।