Gurindervir Singh: भारतीय एथलेटिक्स के लिए रांची से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। फेडरेशन कप में पंजाब के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर स्प्रिंट में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में 10.09 सेकंड का समय निकालते हुए देश के सबसे तेज धावक बनने का गौरव हासिल किया। गुरिंदरवीर अब 100 मीटर दौड़ को 10.10 सेकंड से कम समय में पूरा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स में नई उम्मीद जगा दी है। खास बात यह रही कि उनका समय दुनिया के महान धावक उसैन बोल्ट के 9.58 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड से केवल 0.51 सेकंड पीछे रहा।
एक दिन में तीन बार बदला नेशनल रिकॉर्ड
फेडरेशन कप के दौरान 100 मीटर स्पर्धा बेहद रोमांचक रही। शुरुआत में राष्ट्रीय रिकॉर्ड अनिमेश कुजुर के नाम था, जिन्होंने पहले 10.18 सेकंड का समय दर्ज किया था। सेमीफाइनल में गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकंड के साथ रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद दूसरे सेमीफाइनल में अनिमेश कुजुर ने 10.15 सेकंड दौड़कर फिर नया रिकॉर्ड बना दिया। हालांकि फाइनल में गुरिंदरवीर सिंह ने शानदार वापसी करते हुए 10.09 सेकंड का समय निकाला और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले बढ़ी उम्मीदें
भारत के लिए यह प्रदर्शन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट आयोजित होने हैं। रांची में गुरिंदरवीर और अनिमेश की रफ्तार ने यह संकेत दिया है कि भारतीय स्प्रिंट खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती देने के लिए तैयार हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले समय में भारत को स्प्रिंट इवेंट में बड़ा पदक मिल सकता है।
पिता ने बताया संघर्ष और मेहनत का सफर
गुरिंदरवीर सिंह की इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और अनुशासन छिपा है। उनके पिता कमलजीत सिंह, जो पंजाब पुलिस से रिटायर्ड कॉन्सटेबल हैं, ने बेटे की मेहनत पर गर्व जताया। उन्होंने बताया कि गुरिंदरवीर ने हर मौसम में लगातार अभ्यास किया और कभी मेहनत से पीछे नहीं हटे। उनके अनुसार कठिन ट्रेनिंग और समर्पण का ही नतीजा है कि आज गुरिंदरवीर देश के सबसे तेज धावक बनकर उभरे हैं।