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INH Exclusive- रमन सरकार ने तीन साल में हेलीकॉप्टर और विमान किराए पर खर्च कर दिए 31 करोड़ 74 लाख रुपए

By Lalit Singh

छत्तीसगढ़ खबर | Published On: 13 Feb, 2018 | 8:49 PM GMT 05:30+

INH Exclusive- रमन सरकार ने तीन साल में हेलीकॉप्टर और विमान किराए पर खर्च कर दिए 31 करोड़ 74 लाख रुपए

रायपुर: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील की एसआईटी से जांच की मांग करने वाली तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस हेलीकॉप्टर को छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 10 साल पहले 26 करोड़ 11 लाख रुपए खरीदा था। तब इस पर आरोप लगा था कि इसमें करीब 10 करोड़ 20 लाख रुपए कमीशन देने का आरोप लगा था। यानी मूल डील करीब 16 करोड़ रुपए में हुई थी, जिसमें देरी के कारण सरकार को 10 करोड़ रुपए ज्यादा भुगतान करना पड़ा था। आरोप है कि देरी के नाम पर जो अतिरिक्त भुगतान किया गया है, वो कमीशन में चला गया।

इधर दूसरी तरफ एक चौंकाने वाला आंकड़ा निकल कर सामने आया है। पिछले तीन सालों में छत्तीसगढ़ सरकार ने हेलिकॉप्टर और विमान किराए पर लेने में 31 करोड़ 74 लाख रुपए से  ज्यादा राशि खर्च कर दी है। ये हेलीकॉप्टर और विमान तब किराए पर लिए गए, जबकि सरकार के पास एक हेलीकॉप्टर और एक विमान उपलब्ध है। साल 2015 में अप्रैल से इस साल 12  जनवरी तक छत्तीसगढ़ सरकार ने हेलिप्टर किराए के रूप में विमानन कंपनियों को 26 करोड़ 90 लाख 6 हजार 817 रुपए का भुगतान किया है। जबकि विमान किराए के रूप में 4 करोड़ 84 लाख 78 हजार 391 रुपए का भुगतान किया गया है। ये किराया केवल उन हेलिकॉप्टर और विमानों का है, जिसमें नेताओं और अफसरों ने उड़ान भरी है।

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2015-16  में सरकारी हेलीकॉप्टर से 229 घंटे 30 मिनट उड़ानें भरी

नक्सल आपरेशन में लगे हेलीकॉप्टर और विमानों का किराया इससे अलग है। छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकृत आंकड़े बताते हैं कि साल 2015-16  में सरकारी हेलीकॉप्टर से 229 घंटे 30 मिनट उड़ानें भरी गई, जबकि इसी साल किराए के हेलिकाप्टर से 241 घंटे 35 मिनट की उड़ान भरी गई। इसके लिए 3  करोड़ 78 लाख 41 हजार 258 रुपए किराए के रूप में चुकाना पड़ा। इसी तरह  साल 2016-17 में सरकारी हेलीकॉप्टर से 224 घंटे 40 मिनट उड़ान भरी गई, जबकि इसी साल किराए के हेलीकॉप्टर से 196 घंटे 55 मिनट की उड़ान भरी गई और इसके लिए 11 करोड़ 15 लाख 22 हजार 701 रुपए किराए के रूप में चुकाना पड़ा।

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इस वित्तीय वर्ष में 12 जनवरी तक सरकारी हेलीकॉप्टर से 308 घंटे 25 मिनट उड़ान भरी गई, जबकि इसी साल किराए के हेलीकॉप्टर से 407 घंटे 40  मिनट की उड़ान भरी गई। इसके लिए 11 करोड़ 15 लाख 22 हजार 701 रुपए किराए के रूप में चुकाना पड़ा। इस तरह तीन सालों में हेलिकाप्टर के किराए पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 26 करोड़ 90 लाख 6 हजार 817 रुपए का भुगतान किया। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस दौरान राजकीय विमान के अलावा किराए के विमान का भी इस्तेमाल किया। साल 2015-16 में राजकीय विमान ने 304 घंटे की उड़ान भरी, जबकि किराए के विमान से 51 घंटे 5 मिनट की उड़ान भरी गई। इसके लिए 2 करोड़ 44 लाख 23 हजार 765 रुपए का भुगतान किया गया।

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2016-17  में राजकीय विमान ने 259 घंटे की उड़ानें भरी

इसी तरह साल 2016-17  में राजकीय विमान ने 259 घंटे की उड़ान भरी, जबकि किराए के विमान से 54  घंटे 55 मिनट की उड़ान भरी गई। इसके लिए 1 करोड़ 21 लाख 27 हजार 955 रुपए का भुगतान किया गया। इस वित्तीय वर्ष में 12 जनवरी तक राजकीय विमान ने 200 घंटे  10 मिनट की उड़ान भरी, जबकि किराए के विमान से 58 घंटे 30 मिनट  की उड़ान भरी गई। इसके लिए 1 करोड़ 19 लाख 26 हजार 671 रुपए का भुगतान किया गया। यानि किराए के विमान पर 4 करोड़ 84 लाख 78 हजार 391 रूपए खर्च  किए गए। हेलीकॉप्टर और विमान के किराए को जोड़ दिया जाए, तो 31 करोड़ 74  लाख 85 हजार 208 रुपए राज्य सरकार को भुगतान करना पड़ा।

धनवेन्द्र जायसवाल की रिपोर्ट

INH News


Title For Web: Raman government spent helicopter and airfare in three years, Rs 31 crore 74 lakhs
Supreme court Agusta Westland Helicopter Deal SIT Petition CG government CM Raman singh BJP Congress
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