MP Rajya Sabha: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान मंगलवार को विधानसभा परिसर अचानक अखाड़े में तब्दील हो गया। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा लिखित आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद दोनों पार्टियों के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर आमने-सामने आ गए, जिससे वहां जमकर धक्का-मुक्की और भारी हंगामा हुआ।
बीजेपी के आरोप
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री राकेश सिंह अपने वकीलों की टीम के साथ राज्यसभा निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर पहुंचे। बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन के हलफनामे पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना के एक कानूनी मामले (आपराधिक प्रकरण) की जानकारी छुपाई है और अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा भी साझा नहीं किया है। बीजेपी नेता इसी आधार पर नटराजन का फॉर्म निरस्त कराने की मांग पर अड़ गए।
कांग्रेस का पलटवार
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच खुद कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भी रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल एक साइकोलॉजिकल वॉर करार दिया। नटराजन ने स्पष्ट किया कि उनके फॉर्म में कोई त्रुटि नहीं है, बल्कि एक सामान्य शोकॉज नोटिस को जानबूझकर बवंडर बनाया जा रहा है। वे इसका पूरा वैधानिक जवाब देंगी। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के तीन-तीन मंत्री पीठासीन अधिकारी को डराने-धमकाने और फॉर्म निरस्त कराने के लिए अनुचित दबाव बना रहे हैं।
इस तीखी गहमागहमी और नोकझोंक के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यदि तकनीकी आधार पर नटराजन का फॉर्म खारिज होता है, तो कांग्रेस के लिए यह बहुत बड़ा झटका होगा। फिलहाल, दोनों खेमों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।