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Balaghat: बालाघाट में हीटवेव का कोहराम, तड़प-तड़प कर मरे दर्जनों चमगादड़

Balaghat: बालाघाट में हीटवेव का कोहराम, तड़प-तड़प कर मरे दर्जनों चमगादड़

Balaghat: मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों सूर्यदेव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ रहे तापमान और झुलसा देने वाली 'हिटवेव' (Heatwave) का सबसे दर्दनाक और डरावना असर अब वन्य जीवों और पक्षियों पर पड़ना शुरू हो गया है। बालाघाट जिला मुख्यालय पर स्थित प्रसिद्ध मोती गार्डन से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ भीषण गर्मी के प्रकोप के चलते पेड़ों पर रहने वाले एक दर्जन से अधिक चमगादड़ों (Bats) की तड़पकर मौत हो गई है। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

जगह बिखरे मिले शव

रोजाना की तरह जब स्थानीय नागरिक और सुबह-शाम सैर करने वाले लोग मोती गार्डन पहुंचे, तो वहाँ का नजारा बेहद भयावह था। गार्डन के परिसर में अलग-अलग पेड़ों के नीचे और रास्तों पर भारी संख्या में चमगादड़ मृत अवस्था में पड़े हुए दिखाई दिए। तपती धूप और पानी की कमी के कारण चमगादड़ सीधे आसमान और पेड़ों से नीचे गिर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गर्मी का थपेड़ा इतना तेज है कि उड़ते-उड़ते ये बेजुबान पक्षी अचेत होकर जमीन पर आ रहे हैं।

लोगों में 'संक्रमण' का बढ़ा खौफ

मोती गार्डन में इतनी बड़ी तादाद में चमगादड़ों की अचानक हुई मौत के बाद वहाँ घूमने आने वाले नागरिकों और बच्चों के बीच संक्रमण (Infection) और वायरस फैलने का डर तेजी से घर कर गया है।

गौरतलब है कि चमगादड़ों को वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दृष्टिकोण से कई तरह के खतरनाक वायरसों का वाहक माना जाता है। ऐसे में खुले में पड़े उनके शवों को देखकर स्थानीय लोगों में यह आशंका बनी हुई है कि कहीं इससे शहर में कोई नई बीमारी या महामारी न पैर पसार ले। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल पूरे गार्डन को सैनिटाइज करने और मृत चमगादड़ों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने की मांग की है।

जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) ने बताया कि प्राथमिक तौर पर इन मौतों की मुख्य वजह अत्यधिक तापमान और हीटवेव (लू लगना) प्रतीत हो रही है। हालांकि, संक्रमण के किसी भी खतरे को खारिज करने के लिए मृत चमगादड़ों के सैंपल एकत्र कर लिए गए हैं, जिन्हें गहन जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि पैथोलॉजी और पोस्टमार्टम की सटीक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के असली कारणों का अधिकारिक खुलासा हो सकेगा। 


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