रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यों, वीआईपी मूवमेंट और आपातकालीन सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए नया कदम उठाया है। राज्य का विमानन विभाग अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया हेलीकॉप्टर किराए पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए Government e-Marketplace (GeM) के माध्यम से करीब 105 करोड़ रुपये का ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक यह अनुबंध तीन वर्षों के लिए प्रस्तावित है, जिस पर सरकार हर साल लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मौजूदा हेलीकॉप्टर सेवा का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
VIP मूवमेंट और प्रशासनिक दौरों पर रहेगा फोकस
सरकार द्वारा किराए पर लिया जाने वाला नया हेलीकॉप्टर प्रशासनिक दौरों, संवेदनशील क्षेत्रों के निरीक्षण और आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोग किया जाएगा। खासतौर पर Bastar और Surguja जैसे दूरस्थ इलाकों तक तेज पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है। राज्य सरकार का मानना है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में त्वरित आवाजाही के लिए आधुनिक हेलीकॉप्टर सेवा जरूरी है। इससे मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां कम समय में मौके पर पहुंच सकेंगी।
हेलीकॉप्टर में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
टेंडर दस्तावेजों के अनुसार प्रस्तावित हेलीकॉप्टर पूरी तरह वातानुकूलित होगा और उसमें विश्वस्तरीय वीआईपी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। हेलीकॉप्टर में कम से कम 8 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, ताकि अधिकारियों और सुरक्षा दल को एक साथ यात्रा करने में सुविधा मिल सके। इसके अलावा हेलीकॉप्टर आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, बेहतर सुरक्षा तकनीक और कठिन मौसम में भी उड़ान भरने की क्षमता से लैस होगा।
GeM पोर्टल के जरिए जारी हुआ ग्लोबल टेंडर
राज्य सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टेंडर प्रक्रिया को Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल के जरिए शुरू किया है। ग्लोबल टेंडर जारी होने के बाद देश-विदेश की विमानन कंपनियां इसमें भाग ले सकेंगी। सरकार का दावा है कि नई हेलीकॉप्टर सेवा से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर रिस्पॉन्स मिल सकेगा।
दूरस्थ इलाकों में प्रशासनिक पहुंच होगी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे बड़े और वन क्षेत्रों वाले राज्य में हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क मार्ग से पहुंचने में कई घंटे लग जाते हैं, जबकि हवाई सेवा के जरिए कम समय में निरीक्षण और राहत कार्य संभव हो पाते हैं। नई हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और फील्ड मॉनिटरिंग को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।