राजेश सोनी, डबरा: डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में आ गया है। स्कूल प्रबंधन की कथित तानाशाही और संवेदनहीनता के चलते स्कूल गेट के बाहर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मामला पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) से जुड़ा है, जहां महज 10 मिनट की देरी से पहुँचे करीब दो दर्जन अभिभावकों और उनके मासूम बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने लोहे का मुख्य गेट बंद कर कड़ी धूप में बाहर खड़ा रखा।
हमारा स्कूल, हमारा नियम
यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ, जो कि मीटिंग का तय वक्त था। कुछ मिनट लेट हुए परिजनों के आते ही गेट पर ताला जड़ दिया गया। सुरक्षाकर्मी ने अंदर से साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी, अगली बार आना। हंगामा बढ़ने और मीडियाकर्मियों के मौके पर पहुंचने के बाद प्रबंधन ने भारी दबाव में गेट तो खोला, लेकिन स्कूल की कमान संभालने वाले फादर मीटिंग से भाग खड़े हुए। शुरुआत में प्रिंसिपल ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्कूल में हमारा ही नियम चलेगा। हालांकि, जब परिजनों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुँच गया और स्थिति बिगड़ने लगी, तब जाकर प्रबंधन ने घुटने टेके और मीटिंग आयोजित करने पर राजी हुआ।
पहले भी दे चुके हैं 'सजा'
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन के लिए मानवीय संवेदनाओं का कोई मोल नहीं है। भीषण गर्मी और तीखी धूप में बच्चों को बाहर खड़ा रखना बेहद अमानवीय है। परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों पहले जब स्कूल की खुद की बस तकनीकी कारणों से लेट हुई थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों की गलती न होने के बावजूद उन्हें आधे घंटे तक स्कूल गेट के बाहर धूप में खड़ा रखा था। इसकी लिखित शिकायत करने के बाद भी स्कूल प्रशासन ने अपनी ढर्रे में कोई सुधार नहीं किया।
विवादों का पुराना इतिहास
यह कोई पहला मौका नहीं है जब यह कॉन्वेंट स्कूल सुर्खियों में आया है। इस संस्थान का विवादों से गहरा और पुराना नाता रहा है।
गंभीर आरोप: पूर्व में स्कूल प्रबंधन पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ था।
महिला शोषण मामला: महिला शोषण के आरोपी एक फादर को प्रबंधन ने इस स्कूल का प्रिंसिपल बनाकर भेज दिया था। ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के उग्र आंदोलन के बाद आरोपी को पद से हटाना पड़ा था।
ताजा विवाद: परिजनों और मासूम छात्रों को धूप में बंधक बनाना और तानाशाही रवैया दिखाना।
बीआरसी ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर विवेक चौकोटिया ने स्कूल प्रबंधन के इस कृत्य की घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों और अभिभावकों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार हुआ है, तो यह पूरी तरह से स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और मनमानी है। बीआरसी ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उचित दंडात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
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