कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत शनिवार को उस समय गरमा गई जब टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस टीम पहुंची। शालबोनी पुलिस और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। सुरक्षा कारणों से इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई।
निजी सहायक की तलाश में पुलिस की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय से जुड़े एक मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर पार्टी टिकट दिलाने के नाम पर कुछ लोगों से धनराशि ली थी। इसी मामले में पूछताछ और जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस टीम उनके ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
आवास पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पुलिस कार्रवाई की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचीं। इस दौरान राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि पार्टी की ओर से मामले को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CID ने भी भेजा नोटिस
इसी बीच अभिषेक बनर्जी को राज्य की सीआईडी ने एक अन्य मामले में समन जारी किया है। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी ने उन्हें 16 जून को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। बताया जा रहा है कि पहले यह मामला स्थानीय स्तर पर दर्ज था, जिसे बाद में सीआईडी को सौंप दिया गया।
मदन मित्रा से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी
टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित नगर निगम भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में उनसे जुड़े कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। कोलकाता और आसपास के इलाकों में हुई इस कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच की गई।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
एक ही दिन में टीएमसी के कई नेताओं से जुड़े मामलों में पुलिस, सीआईडी और ईडी की सक्रियता ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल के समर्थक इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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