MLA Anubha Munjare: जनहित के मुद्दों और गरीब-मजदूरों की लड़ाई लड़ने के लिए पहचानी जाने वाली विधायक अनुभा मुंजारे एक बार फिर आक्रामक तेवरों में नजर आई हैं। नगर पालिका प्रशासन द्वारा मैकेनिक नगर क्षेत्र के छोटे गैरेज मिस्त्रियों और ठेला संचालकों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिए जाने के बाद विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
विधायक अनुभा मुंजारे ने तत्काल नगर पालिका सीएमओ सूर्यप्रकाश ऊके को फोन मिलाकर सरेआम फटकार लगाई और साफ लहजे में चेतावनी दी कि शासकीय योजनाओं की आड़ में किसी भी गरीब का रोजगार छीनने की मनमानी नहीं चलेगी। दरअसल, नगर पालिका प्रशासन की ओर से मैकेनिक नगर क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित की गई है। इसी प्रोजेक्ट के निर्माण की आड़ में नगर पालिका अमले ने उक्त शासकीय भूमि पर दशकों से दुकान चला रहे गैरेज मिस्त्रियों और हाथ ठेला संचालकों को जमीन खाली करने के निर्देश जारी कर दिए।
सड़कों पर उतरे मिस्त्री
जैसे ही नगर पालिका के नोटिस दुकानदारों के हाथ में पहुंचे, मैकेनिक नगर में अफरा-तफरी मच गई। अपनी रोजी-रोटी पर संकट मंडराता देख सभी पीड़ित मिस्त्री और छोटे कारोबारी तत्काल विधायक अनुभा मुंजारे के पास पहुंचे और उनसे मिलकर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि सामान्य दिनों में फाइलों को दबाकर रखने वाली नगर पालिका ने शासकीय छुट्टी के दिन इतनी मुस्तैदी दिखाकर नोटिस क्यों जारी किए? रविवार या अवकाश के दिन हुई इस कार्रवाई के पीछे की कड़ियों को लेकर संदेह जताया जा रहा है।
परेशान न करे प्रशासन : मुंजारे
पीड़ितों की व्यथा सुनने के बाद विधायक अनुभा मुंजारे ने मौके से ही सीएमओ सूर्यप्रकाश ऊके को फोन लगाया। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन विकास कार्य जरूर करे, लेकिन उसकी कीमत किसी गरीब के भूखे पेट से नहीं चुकाई जा सकती। साल 2019 में जब प्रशासन ने खुद इन्हें अनुमति दी थी, तो आज ये अतिक्रमणकारी कैसे हो गए? विधायक ने सख्त विधिक निर्देश दिए कि जब तक इन मिस्त्रियों को किसी दूसरी जगह व्यवस्थित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी दुकान पर जेसीबी या हथौड़ा नहीं चलना चाहिए।