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मध्य प्रदेश

  • बीए फर्स्ट ईयर के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान

    बीए फर्स्ट ईयर के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान

    भोपाल। चूनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित सी-सेक्टर में रविवार दोपहर बीए के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मूलत: बाड़ी, जिला रायसेन के रहने वाले छात्र ने इसी साल एक्सीलेंस कॉलेज चूनाभट्टी में एडमिशन लिया था। पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है।

    एएसआई वीरमणि पांडे ने बताया कि अभिषेक लोधी पिता गणपत लोधी (17) गांव मोवलवाड़ा, थाना बाड़ी, जिला रायसेन का रहने वाला था। उसका परिवार किसानी करता है। तीन भाइयों में वह मझला था।

    अभिषेक यहां अपने ममेरे भाई सुरेंद्र के साथ सी-सेक्टर, मकान नंबर-9 में रहने वाले साहू जी के मकान में किराये से रह रहा था। अभिषेक के ममेरे भाई सुरेंद्र ने पुलिस को बताया कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह बाल कटवाने के लिए गया था। रूम पर अभिषेक अकेला था। करीब एक घंटे बाद सुरेंद्र घर लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने और मोबाइल पर कॉल करने के बाद भी जब अभिषेक की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उसने पड़ोसियों की मदद से किसी तरह से दरवाजा खोला था।

    इस दौरान अभिषेक का शव फंदे पर लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है।

    घटना की जानकारी सुरेंद्र ने परिजन को दे दी थी। परिजन गांव से भोपाल पहुंच गए थे। अभिषेक के पिता गणपत ने पुलिस को बताया कि अभिषेक पढ़ाई को लेकर काफी तनाव में रहता था। दसवीं में अधिक तनाव लेने के कारण उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था।

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  • जान बचाकर भागते रहे लोग, नहीं रुकी कार, एक को चपेट में लिया तीन अन्य घायल

    जान बचाकर भागते रहे लोग, नहीं रुकी कार, एक को चपेट में लिया तीन अन्य घायल

    भोपाल | भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र स्थित प्लेट फार्म नंबर-1 के सामने चांदबड़ की तरफ से आ रही कार बेकाबू हो गई। कार चालक ने भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति को टक्कर मारने के बाद कार रिवर्स कर दी थी। वह कार को तेजी से रिवर्स कर भागने का प्रयास करता रहा और लोग कार से बचकर भागते हुए अपनी जान बचाते रहे। कार के पीछे लोग भागते रहे, लेकिन कार चालक नहीं रुका। कार रिवर्स करते समय आरोपी चालक ने एक युवक को बुरी तरह से कुचल दिया। हादसे में चार लोगों को चोट आई हैं। इनमें एक युवक गंभीर है और उसका लालघाटी स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    हादसे के बाद भीड़ का गुस्सा फूंट गया और भीड़ ने बजरिया तिराहा पर जमकर हंगामा किया। भीड़ का हंगामा देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। हादसे में रोशन शाक्य, यश साहू और सुरेंद्र समेत चित्रांश को चोट आई हैं। रोशन साहू के हाथ और पैरों से कार गुजरने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

    लोगों ने देर रात किया हंगामा, लगा दिया जाम

    झांकी में युवाओं के अलावा मासूम बच्चे भी मौजूद थे। घटना एक वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में कार रिवर्स में तेजी से आते हुए नजर आ रही है, जबकि दो बच्चे अपनी जान बचाकर भागते हुए नजर आ रहे। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी कार के पीछे दौड़ता हुआ दिख रहा है। कार चालक ने कार रिसर्व करते समय एक युवक को अपनी चपेट में लिया था। उसके दोनों पैरे पर पर से कार के पहिए निकल गए। उक्त युवक रोशन शाक्य है और उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद कार चालक मौके से भाग निकला। उसका कुछ लोगों ने पीछा भी किया था, लेकिन कार चालक भागने में सफल हो गया। घटना के समय वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आलाधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी। जब पुलिस बल पहुंचता भीड़ बेकाबू हो गई थी। इलाके में भीड़ लगातार बढ़ने लगी और लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

    कार का सुराग नहीं

    पुलिस का कहना है कि कार का अभी सुराग नहीं लगा है। सूत्रों की माने तो कार और चालक दोनों ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस कार और चालक के बारे में जानकारी छिपा रही है। पुलिस को अनुमान है कि घटना के बाद रात में जिस तरह बवाल हुआ था उस तरह बवाल ने हो जाए इसलिए अभी कार चालक और कार की जानकारी पुलिस छिपा रही है।

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  • गर्ल्स काॅलेज के तीन प्रिंसिपलों की लापरवाही छात्राओं पर पड़ी भारी, अब उठ रही संस्पेंड करने की मांग

    गर्ल्स काॅलेज के तीन प्रिंसिपलों की लापरवाही छात्राओं पर पड़ी भारी, अब उठ रही संस्पेंड करने की मांग

    भोपाल। शहर के गीतांजलि, नूतन और एमएलबी काॅलेज की छात्राओं पर उन्हें के प्रिंसिपलों की लापरवाही पड़ी भारी पड़ती नजर आ रही है। प्रिसिंपलों की एक लापरवाही की वजह से अब उन्हीं के अधिकारी उन्हें संस्पेंड करने की आवाज उठाते नजर आ रहे हैं।

    गर्ल्स कॉलेजों गीतांजलि, नूतन और एमएलबी कॉलेज की प्रिंसिपल की लापरवाही का खामियाजा अब छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्राओं ने एडमिशन लेते समय निर्धारित नामांकन शुल्क 295 रुपए जमा कर दिया था। लेकिन कॉलेज की लापरवाही से यह बीयू नहीं भेजा गया।

    इस कारण छात्राएं जनरल प्रमोशन में आगामी सत्र में प्रमोट नहीं हो पा रही हैं। अब नामांकन के लिए छात्राओं को न केवल बीयू के चक्कर काटने पड़ रहे हैं बल्कि एक हजार रुपए विलंब शुल्क भी चुकाने पड़ रहे हैं।

    गीतांजलि की छात्राओं पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ

    गीतांजलि कॉलेज से बीयू पहुंची एक छात्रा ने बताया कि उसकी सालाना फीस 900 रुपये है। उसने नामांकन के लिये 1295 रुपये जमा किये है। इसमें 295 रुपये नामांकन शुल्क है और एक हजार रुपये विलंब शुल्क है। छात्रा ने गत वर्ष प्रवेश लिया था। इस दौरान उससे नामांकन शुल्क भी लिया गया था। शुल्क लेने के बाद प्राचार्य डॉ. अल्का डेविड ने उनको नामांकन शुल्क बीयू में जमा नहीं किया है। इसके चलते उसका नामाकन नहीं हो सका है। यही स्थिति नूतन कालेज की प्राचार्य प्रतिभा सिंह और एमएएलबी कॉलेज की तत्कालीन प्राचार्य निशा पल्लीवाल ने भी अपने कॉलेज में बनाई है। तीनों कॉलेजों की छात्राएं बीयू में नामांकन कराने पहुंच रही हैं।

    गाइडलाइन भी जारी की, फिर भी गलती कर बैठे, अब छुपा रहे

    बीयू और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों का नामांकन कराने का दायत्व प्राचार्य का है। यह सूचना गाइडलाइन तक में दी गई है। इसके बाद भी प्राचार्य विद्यार्थियों को बीयू भेज देते हैं, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी से बच सकें। वे अपनी गलतो विद्यार्थियों पर थोपते हैं। जबकि उन्हें प्रवेश के बाद नामांकन शुल्क बीयू भेजकर नामांकन लेने की प्रक्रिया पूर्ण करना चाहिए। विद्यार्थी एक साल बाद बीयू पहुंचकर नामांकन करा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें एक हजार रुपये का विलंब शुल्क देना पड़ रहा है। जबकि ये शुल्क कालेज की गलती होने के कारण कालेज के खाते से जमा होना चाहिए।

    अब अधिकारी उठा रहे प्रिंसिपलों को सस्पेंड करने की मांग

    बीयू और विभाग अधिकारियों का कहना है कि शासन छात्राओं को निशुल्क प्रवेश दे रही है। उनके परिवार पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं बढ़े इसके लिए सभी इंतजाम किये जा रहे है। छात्राओं को आर्थिक रूप से बोझ डालने वाले प्राचार्यों पर निलंबन की कारवाई होना चाहिए।

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  • समोसा में खिलाया नशीला पदार्थ और कर डाला यह घिनौना काम

    समोसा में खिलाया नशीला पदार्थ और कर डाला यह घिनौना काम

    भोपाल | मिसरोद थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद नर्सिंग छात्रा से दुष्कर्म और उसे जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ बलात्कार और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे समोसे में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस के अनुसार 18 साल की युवती मूलत: नसरूलल्लागंज की रहने वाली है। उसकी दोस्ती कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम पर मिसरोद गांव में रहने वाले अरविंद अहिरवार से हुई थी। दोनों में चेटिंग होती थी।

    इस दौरान युवती ने अरविंद से कमरा किराये पर लेने की बात की। अरविंद ने उसे अपने घर के पास कमरा किराए पर दिला दिया था।

    पीड़िता का कहना है कि अरविंद का उसके कमरे पर अक्सर आना जाना था। 9 अक्टूबर शनिवार शाम अरविंद उसके घर समोसे लेकर पहुंचा था। उसने अरविंद के कहने पर सामोसे खाए। समोसा खाना के बाद उसे बेहोशी आने लगी और इस बीच अरविंद ने उससे दुष्कर्म किया। होश में आने के बाद पीड़िता ने अरविंद का विरोध किया। इस पर अरविंद ने उसे जान से मारने की धमकी दी।

    अरविंद का कहना था कि वह पुलिस से शिकायत करेगी तो ठीक नहीं होगा। पीड़िता ने घटना की जानकारी आसपास रहने वाली महिलाओं को दी। इसके बाद मामला थाने पहुंच गया।

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  • अस्पतालों में बेड फुल, डेंगू-वायरल की चपेट में आने वाले मरीज बढ़े

    अस्पतालों में बेड फुल, डेंगू-वायरल की चपेट में आने वाले मरीज बढ़े

    भोपाल | शहर में डेंगू का डंक थम नहीं रहा है। आम जनता अब भी डेंगू को लेकर जागरूक नहीं हुई है। लोगों के घरों के कूलरों में भरे पानी व अन्य पानी से भरे पात्रों में अभी भी लार्वा मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इसका विनष्टीकरण कर रहा है। डेंगू के अलावा वायरल के केस भी बढ़ने से अस्पतालों में पलंग फुल हो चुके हैं। सोमवार को 9 मरीज डेंगू पीड़ित मिले। जिनका उपचार शुरू किया गया। अब तक राजधानी में डेंगू के 460 मरीज मिल चुके है। सर्दी के साथ बुखार के केस में कई बार कोरोना होने का भय लोगों को हो रहा है हालांकि कोरोना के केस अब कम हो चुके हैं।

    यह लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं

    यदि बुखार, उल्टी, पेट दर्द, हाथ - पैर में दर्द की शिकायत मिले तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर जांच कराना चाहिए। क्योंकि इस स्थिति में मरीज को डेंगू हो सकता है। डेंगू का इलाज समय पर शुरू होने से मरीज जल्द स्वस्थ हो जाते हैं।

    यह जानकारी जरूरी

    मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से डेंगू होता है। यह मच्छर दिन में काटता है। घरों में कूलर के पानी, टायरों में भरे पानी में इसके लार्वा पनपते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि किसी भी तरह से जलभराव न होने दें। कूलरों को हटा दें, टायरों या अन्य पात्र में जलभराव न होने दें।

    फ्लूड की कमी न होने दें

    डेंगू के मरीजों को फ्लूड की कमी नहीं होना चाहिए। सीबीसी जांच में हीमोटोक्रिट जांच होती है इससे ब्लड में फ्लूड की स्थिति पता चलती है। इसलिए डॉक्टर यह जांच करवाते हैं। फ्लूड की कमी से हीमोटोक्रिट का प्रतिशत बढ़ता है। इस स्थिति में आइवी ड्रिप चढ़ाई जाती है।

    प्लेटलेट्स की जांच

    प्लेटलेट्स की जांच भी डेंगू में की जाती है। यदि 20 हजार तक प्लेटलेट्स पहुंचती हैं तो मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। यदि इससे कम प्लेटलेट्स हुई तो मरीज के आर्गन में अंदरूनी रक्तस्त्राव हो सकता है। इससे यह प्लेटलेट्स की स्थिति पर भी नजर डॉक्टर रखते हैं।

    वायरल से भी पीड़ित मरीज

    अस्पतालों में वायरल से भी पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। कई बार लक्षण डेंगू जैसे होने पर मरीजों को भय रहता है कि डेंगू तो नहीं हो गया लेकिन रिपोर्ट निगेटिव निकल रही है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल होता है। लोगों को अपनी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रखनी चाहिए। इसके लिए ताजा खाना खाएं, पानी ज्यादा पिएं, फल खाएं।

    डॉ राकेश श्रीवास्तव, अधीक्षक, जेपी अस्पताल

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  • मप्र में अब हड़ताल नहीं कर सकेंगे जूनियर डॉक्टर, रद्द होगा पंजीयन, फीस से वसूलेंगे 10 लाख

    मप्र में अब हड़ताल नहीं कर सकेंगे जूनियर डॉक्टर, रद्द होगा पंजीयन, फीस से वसूलेंगे 10 लाख

    भोपाल | चिकित्सा शिक्षा विभाग जूनियर डॉक्टरों के बार-बार हड़ताल पर जाने का स्थाई समाधान निकालने में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश के समय ही छात्रों से यह अंडरटेकिंग ली जाएगी कि वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे और यदि गए तो उनसे निजी मेडिकल कॉलेजों में लगने वाली लगभग दस लाख रुपए फीस वसूली जाएगी।

    सरकारी कॉलेजों में 50 हजार रुपए फीस लगती है। इसमें भी मेधावी छात्र योजना, अनुसूचित जाति-जनजाति छात्र प्रोत्साहन योजना और संबल योजना के तहत पूरी या आधे से ज्यादा फीस सरकार द्वारा दी जा रही है। जूनियर डॉक्टरों व कर्मचारियों की हड़ताल तोड़ने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है।

    हड़ताल करने वाले जूनियर डॉक्टरों का पंजीयन रद्द करने के लिए मप्र मेडिकल काउंसिल को पत्र लिखा जाएगा। निशांत वरवड़े, आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि हड़ताल करने वाले पीजी छात्रों से छात्रावास खाली कराने के साथ यदि नहीं मानें तो गिरफ्तारी जैसी कार्यवाही करने से भी गुरेज न किया जाए। जूनियर डॉक्टर छात्र हैं न कि सरकारी सेवक, जो बार-बार हड़ताल करें।

    उत्तरप्रदेश व दिल्ली में हड़ताल पर पाबंदी

    पीजी पाठ्यक्रम में एक माह पहले प्रवेश लेने वाले छात्रों को एसएमएस के जरिए नोटिस दिए जा चुके हैं कि अगर आप हड़ताल करेंगे तो आपके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तरप्रदेश और दिल्ली हाईकोर्ट डॉक्टरों की हड़ताल पर पहले ही पाबंदी लगा चुकी है। जूनियर डॉक्टरों का पहला काम मरीज को देखना है। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।

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  • भोपाल एम्स में रिटायर्ड जज के साथ अभद्रता कर बेटी को बनाया बंधक

    भोपाल एम्स में रिटायर्ड जज के साथ अभद्रता कर बेटी को बनाया बंधक

    भोपाल | राजधानी के एम्स अस्पताल (aiims hospital, bhopal) में एक रिटायर्ड जज की बेटी के साथ अभद्रता कर बेटी को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। घटना पांच अक्टूबर की है। अपने साथ हुए इस दुर्व्यवहार की शिकायत पीड़ित ने बागसेवनियां पुलिस से की है। पांच दिन बाद भी पुलिस ने अभी तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इतना ही नहीं एम्स प्रशासन भी खुद को इस मामले से अनभिज्ञ बता रहा है।

    दरअसल सीधी जिला न्यायाधीश के पद से रिटायर्ड जज अशोक कुमार जैन अपनी आंख का आपरेशन कराने पांच अक्टूबर को एम्स पहुंचे थे। उनके साथ उनकी 40 वर्षीय बेटी भी थी। एम्स के नेत्र विभाग में अशोक की सभी जांचें हुई और अंत में कहा गया कि आपका ऑपरेशन आठ अक्टूबर को किया जाएगा, इसलिए आप अभी जाकर कोविड टेस्ट करा लें। पीड़ित के साथ जो भी बुरा बर्ताव हुआ है वह कोरोना जांच केंद्र पर हुआ है।

    संजीव चौकसे, थाना प्रभारी बागसेवनियां का कहना है कि रिटायर्ड जज ने एक शिकायती आवदेन दिया है। आवेदन की जांच की जा रही है। मामले में दोनों पक्षों के आवेदन लिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    बेटी को दी गालियां, विरोध करने बनाया बंधक

    रिटायर्ड जज अशोक कुमार जैन ने बताया कि वह बेटी के साथ एम्स के कोरोना जांच केंद्र पर पहुंचे और वहां एक बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। कुछ मिनट बाद एक शख्स आया, जिसका नाम हमें लेरिस मालूम पड़ा। वह हमसे बदतमीजी से बोला और कहा कि यहां मत बैठो, कमरे में आओ, मैं और मेरी बेटी कमरे चले गए तो उसने मेरी बेटी से कहा कि इस बुड्ढे को बाहर ही रहने दो सिर्फ तुम अंदर आओ, यह सुन मेरी बेटी ने कहा कि कोविड टेस्ट मेरा नहीं मेरे पापा का होना है और आप जरा तमीज से बात कीजिए।

    इसके बाद टेक्नीशियन ने बड़े गुस्से में आकर मेरे मुंह और नाक से सैंपल लिया, सैंपल लेने के बाद स्टिक जो कचरे के डिब्बे में फेंकना होती है वो मेरी बेटी को पकड़ा दी और कहा कि इसे डस्टबिन में डाल दो, मेरी बेटी ने वह स्टिक गलती से दूसरे डस्टबिन में डाल दिया तो इस पर टेक्नीशियन ने मेरी बेटी का पागल कहा और गंदी गाली बक दी, यह सुन मैं और बेटी चौंक गए और टेक्नीशियन से कहा कि आप कैसे बात कर रहे हैं तो उसने अपने साथियों को बुला लिया, और हमें एक कमरे में बंद कर दिया और इस दौरान हमारा मजाक उड़ाते रहे, हमें सनकी, पागल और न जाने क्या क्या कहने लगे।

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  • ज्ञानेश्वर, सुलोचना, शिशुपाल और प्रतिमा बागरी को भाजपा का टिकट

    ज्ञानेश्वर, सुलोचना, शिशुपाल और प्रतिमा बागरी को भाजपा का टिकट

    भोपाल | भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के खंडवा लोकसभा और तीन विस सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम बुधवार देर रात घोषित कर दिए हैं। खंडवा लोकसभा सीट से नए चेहरे के रूप में ज्ञानेश्वर पाटिल को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है।

    इसी प्रकार उपचुनाव की तीन विधानसभा सीटों में निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर सीट से डाक्टर शिशुपाल सिंह यादव, अलीराजपुर जिले की जोबट सीट से पूर्व मंत्री सुलोचना रावत को टिकट दिया गया है। वहीं सतना जिले की रैगांव सीट से अप्रत्याशित रूप से नए चेहरे के रूप में प्रतिमा बागरी को भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया है।

    मप्र की एक लोकसभा सीट एवं विधानसभा की तीन सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा किए जाने की आखिरी तारीख शुक्रवार, 8 अक्टूबर 21 को है। ऐसे में सिर्फ दो दिन गुरुवार और शुक्रवार का समय ही प्रत्याशियों के लिए नामांकन पत्र जमा करने के लिए बचा है। कांग्रेस पार्टी अपने सभी प्रत्याशियों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है, लेकिन भाजपा ने प्रत्याशी घोषित करने में विलंब किया।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा गुरुवार को ही खंडवा और जोबट सीट के भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जमा करवाने जा रहे हैं। जबकि दो अन्य सीटों पर भाजपा प्रत्याशी भी गुरुवार - शुक्रवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। हालांकि अभी पार्टी की तरफ से इसको लेकर अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।

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  • कमलनाथ की शिवराज को चुनौती, आ जाइए, कर लेते हैं रेस

    कमलनाथ की शिवराज को चुनौती, आ जाइए, कर लेते हैं रेस

    भोपाल। लंबे समय बाद भोपाल लौटे प्रदेश कांग्रेस(congress) अध्यक्ष कमलनाथ (kamalnath) ने मुख्यमंत्री (cm) शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) को चुनौती दे डाली कि आ जाइए रेस कर लेते हैं। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत में वे उन्हें बुजुर्ग एवं बीमार बताए जाने का जवाब दे रहे थे।

    कमलनाथ ने कहा कि मैं अपना पोस्ट कोविड चेकअप कराने गया था क्योंकि मुझे निमोनिया हुआ था, वह किसी को भी हो सकता है। अपना पूरा चेकअप कराया ,सब ठीक निकला। रेस वाल बयान पर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह (minister bhupendra singh) ने पलटवार करने में देर नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा के संस्कारों में आप जैसी रेस नहीं है।

    दिल्ली में भी मेरे पास कई जवाबदारी

    कमलनाथ ने कहा कि मै दिल्ली में था क्योंकि दिल्ली में भी मेरे पास कई जवाबदारियाँ है। इसका मतलब यह नहीं कि मेरा स्वास्थ्य खराब था और मैं आराम कर रहा था। उपचुनावों में प्रत्याशी चयन पर उन्होंने कहा कि हमें जीतने वाला उम्मीदवार चाहिए। हमने सर्वे कराएं हैं, सभी से विचार-विमर्श किया है। शीघ्र ही प्रत्याशी घोषित करेंगे।

    हर क्षेत्र में मप्र नंबर वन पर

    कमलनाथ ने कहा कि आज हर क्षेत्र में मध्य प्रदेश नंबर वन है। अभी एनसीआरबी की रिपोर्ट आई। आदिवासियों पर अत्याचार में मध्यप्रदेश नंबर वन, किसानों की आत्महत्या में मध्य प्रदेश नंबर वन है। प्रदेश में कोई सुरक्षित नहीं है। इसलिए सवाल उप चुनाव का नहीं, मप्र को बचाने का है। गांधी जी की जयंती पर उनकी सोच थी, उनके विचार, उनके बताए मार्ग पर हम कैसे चलें, यह सोचना होगा। कमलनाथ ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदेश की जनता अपना भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस व सच्चाई का साथ देगी।

    कमलनाथ को भूपेंद्र ने ऐसे दिया जवाब

    कमलनाथ द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रेस की चुनौती देने पर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने कहा कि कमलनाथ जी कई तरह की रेस लगाते हैं और वह जो रेस लगाते हैं वह भारतीय जनता पार्टी के संस्कारों में नहीं है।

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  • RTI के तहत जानकारी नहीं देने का खामियाजा, CMHO के लिए अरेस्ट वारंट जारी

    RTI के तहत जानकारी नहीं देने का खामियाजा, CMHO के लिए अरेस्ट वारंट जारी

    भोपाल। सूचना आयोग के आदेशों की बार-बार अवहेलना से नाराज होकर मप्र राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बुरहानपुर के सीएमएचओ डॉ. विक्रम सिंह को आयोग के समक्ष हाजिर करने के लिए अरेस्ट वारंट जारी किया है। इसके साथ ही इस मामले में आकाश त्रिपाठी कमिश्नर स्वास्थ्य संचालनालय मप्र को आयोग के आदेश की अनदेखी करने पर कारण बताओ नोटिस के साथ व्यक्तिगत सुनवाई के लिए समन जारी किया है।

    आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण में पहले सुनवाई के समय आदेश की लगातार अनदेखी की गई और बाद में आयोग ने जब दोषी अधिकारी के ऊपर 25000 के जुर्माने की कार्रवाई कर दी तो जुर्माना वसूलने के आयोग के आदेश पर जिम्मेदार अधिकारी आँख मुंदे पड़े रहे। मामले में अब आयोग ने सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के तहत प्रकरण में जांच दर्ज कर समन और बेलेबल अरेस्ट वारंट जारी करने के आदेश दिए है। राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए डीआईजी इंदौर डिवीजन को निर्देशित किया है कि आयोग के वारंट की तामील करा कर दोषी अधिकारी डॉ विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर आयोग के समक्ष दिनाक 11 अक्टूबर 2021 को दोपहर 12 बजे हाजिर करें। आयोग ने इस वारंट में कहा है कि अगर डॉ. विक्रम सिंह 5000 की जमानत देकर अपने आप को आयोग के समक्ष 11 अक्टूबर की पेशी में हाजिर होने कर लिए तैयार हैं, तो उनसे जमानत की राशि 5000 लेकर उन्हे आयोग के समक्ष हाजिर होने के लिए रिहा कर दिया जाए।

    एक प्रकरण में अपीलकर्ता दिनेश सदाशिव सोनवाने ने 10 अगस्त 2017 को आवेदन सीएमएचओ बुरहानपुर डॉक्टर विक्रम सिंह के समक्ष लगाया था। आवेदन में बुरहानपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में वाहन चालकों की नियुक्ति और पदस्थापना संबंधित जानकारी मांगी गई थी। लेकिन डॉ विक्रम सिंह ने कोई भी जवाब 30 दिन में नहीं दिया। इसके बाद आवेदक ने प्रथम अपील दायर की तो प्रथम अपीलीय अधिकारी संयुक्त संचालक स्वास्थ्य इंदौर में इसमें जानकारी देने के आदेश दिनाक 7 अक्टूबर 2017 को जारी कर दिए थे। लेकिन जानकारी नहीं दी गई, जिसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग के समक्ष पहुंचा।

     

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  • एसआई की मौत, 1 एएसआई व 2 सिपाही जख्मी, आरोपी पकड़कर लौट रही पुलिस गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त

    एसआई की मौत, 1 एएसआई व 2 सिपाही जख्मी, आरोपी पकड़कर लौट रही पुलिस गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त

    भोपाल। पांढुर्णा के बढ़ चिचोली इलाके में नेशनल हाईवे पर एक ट्रक ने बैतूल कोतवाली के वाहन को टक्कर मार दी। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात हुए इस बड़े सड़क हादसे में सब इंस्पेक्टर विनोद शंकर यादव की मौत हो गई, जबकि 1 एएसआई व 2 सिपाही घायल हो गए। इन तीनों का इलाज कराया जा रहा है। साथ ही सब इंस्पेक्टर के शव को पोस्टमार्टम के बाद छिंदवाड़ा उनके गृहनगर भेजा गया है।

    बैतूल पुलिस के मुताबिक एक आपराधिक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गए कोतवाली पुलिस स्टाफ का निजी वाहन देर रात बैतूल लौट रहा था। तभी छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा के पास नेशनल हाइवे 47 पर यह हादसा हो गया। जिसमें पाढर एसआई विनोद शंकर यादव की मौके पर मौत हो गई। साथ ही एएसआई दिलीप तांडेकर, सिपाही नवीन रघुवंशी व अरुण लोहवंसी गंभीर रूप से घायल हो गए। बैतूल पुलिस ने 'हरिभूमि भोपाल' को बताया कि तांडेकर के सिर का सीटी स्केन कराया गया है, स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

     

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  • भोपाल फिर गौरवान्वित, श्रेया चौरसिया को गिनीज से मिले सर्टिफिकेट और मेडल

    भोपाल फिर गौरवान्वित, श्रेया चौरसिया को गिनीज से मिले सर्टिफिकेट और मेडल

    भोपाल। शहर की चित्रकार कु. श्रेया चौरसिया ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में प्रतिभागी के रूप में अपना नाम दर्ज कराया। यह रिकॉर्ड 2 मई 2021 को आयोजित वर्चुअल इवेंट आई डेयर टो ड्रीम के माध्यम से फेसबुक पर ऑफिशियल अटेम्प्ट में किया गया। यह इवेंट रडार्ट फाउंडेशन के द्वारा आयोजित किया गया, जिसके निदेशक मयंक व्यास (इंडिया) एवं डॉ महिमा गुप्ता (यूएसए) थे।

    इस आयोजन में 1 घंटे में सर्वाधिक कलाकारों की पेंटिंग अपलोड की गई। यह इवेंट कोरोना काल में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए कराया गया। इसमें दुनिया भर से 1149 पेंटिंग के फोटो अपलोड किए गए, जिसमें से केवल 797 फोटो ही गिनीज बुक की गाइडलाइन के अनुसार पाए गए। इसमें भारत के 184 शहरों के 900 से अधिक एवं 112 देशों के 200 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया।

    श्रेया को इसके अलावा कलामस्स वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया रिकॉर्ड, हाईरेंज वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक्स्ट्राऑर्डिनेयर वर्ल्ड रिकॉर्ड और मार्वेलस वर्ल्ड रिकॉर्ड में भाग लेने के लिए सम्मानित किया गया। श्रेया कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पेंटिंग इवेंट में भाग ले चुकी हैं।

     

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  • ट्रांसजेंडरों के दस्तावेजों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुरू किया सर्वे, प्रशासन से भी मांगी

    ट्रांसजेंडरों के दस्तावेजों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुरू किया सर्वे, प्रशासन से भी मांगी

    भोपाल। मप्र हाईकोर्ट की ओर से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश जारी होने के बाद प्रदेशभर के जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिले में निवासरत ट्रांसजेंडर्स का पैरालीगल वालंटियर्स के जरिए सर्वे शुरू कर दिया है।

    राजधानी भोपाल में प्राधिकरण की ओर से दो पैरालीगल वालंटियर्स नियुक्त किए गए हैं, जो लगातार इसका सर्वे कर रहे हैं। अब तक इनके द्वारा 140 ट्रांसजेंडर की सूची तैयार की गई है, जिसे प्राधिकरण सचिव को सौंपा गया है। प्राधिकरण सचिव द्वारा यह सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन से उनके पास मौजूद सूची भी मंगाई गई है। ताकि सर्वें और प्रशासन की सूची के आधार पर जिले में निवासरत ट्रांसजेंडर्स तक पहुंचकर उनके सभी दस्तावेज तैयार कराए जा सकें। प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिनों के सर्वे के बाद 140 की सूची में इजाफा होने की पूरी उम्मीद है। सर्वे होने के बाद प्राधिकरण द्वारा शिविर लगाकर ट्रांसजेंडर्स के आधार कार्ड, राशन कार्ड और पहचान पत्र बनाए जाएंगे।

    प्रदेश में 29 हजार ट्रांसजेंडर : जानकारों की मानें तो 2011 की जनसंख्या के अनुसार प्रदेश में करीब 29 हजार से अधिक ट्रांसजेंडर निवासरत हैं। समाज की मुख्यधारा से अलग होने से इनकी आजीविका का भिक्षाटन के अलावा अन्य जरिया नहीं है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन से इनकी हालत बहुत खराब हो गई। नतीजतन अधिकांश किन्नरों के राशन, आधार कार्ड नहीं बनने से उन्हें ट्रांसजेंडर्स कार्ड व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में होईकोर्ट में दायर एक याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने ट्रांसजेंडर्स को बड़ी राहत दी है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एसपीएस बुंदेला का कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा ट्रांसजेंडर को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए यह निर्देश दिए गए हैं कि उनको आधार कार्ड, राशन कार्ड और पहचान पत्र प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाए। ताकि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हे मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर नियमित रूप से इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। जल्द ही भोपाल में निवास करने वाले सभी ट्रांसजेंडर को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में उक्त दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।

     

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  • व्हाट्सएप-टेलीग्राम पर बनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए हेल्प डेस्क

    व्हाट्सएप-टेलीग्राम पर बनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए हेल्प डेस्क

    भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग अब वाॅट्सएप और टेलीग्राम पर अपने अधिकारियों को निर्देश देंगे। इसे लेकर आयुक्त उच्च शिक्षा संचालनालय स्तर पर हेल्पडेस्क का गठन किया है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति शीर्षक से वाॅट्सएप ग्रुप का निर्माण किया गया है। वहीं, टेलीग्राम मैसेजिंग एप में प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव, सरकारी और निजी महाविद्यालय के प्राचार्यों का समूह बनाने की तैयारी की गई है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सम्बंध में आवश्यक जानकारी का आदान-प्रदान हो सकेगा।

    बता दें कि पहली बार उच्च शिक्षा विभाग टेलीग्राम एप पर अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगा। इससे पहले वाॅट्सएप पर ही विभागीय सूचनाओं को आदान-प्रदान किया जाता था। टेलीग्राम एप से जुड़ने के लिए सभी क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक को टेलीग्राम मैसेजिंग एप की लिंक प्रेषित की गई है। समस्त क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक इस लिंक से प्राचार्यों को टेलीग्राम पर जोड़ेंगे। इसके अलावा विभाग ने एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर 0755-2554572 जारी किया गया है। इस डेस्क के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति से सम्बंधित जानकारी सुबह 10ः30 से शाम 5ः30 बजे तक सेवाएं प्रदान की जाएगी।

     

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  • शराबबंदी को लेकर उमा भारती के सुझावों पर गंभीरता से विमर्श होगा : वीडी शर्मा

    शराबबंदी को लेकर उमा भारती के सुझावों पर गंभीरता से विमर्श होगा : वीडी शर्मा

    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वीडी शर्मा ने कहा है कि शराबबंदी को लेकर उमा भारती के सुझावों पर पार्टी गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। शर्मा उमा भारती द्वारा एक दिन पहले सरकार को शराब बंदी के लिए दिए गए अल्टीमेटम पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। शर्मा ने कहा कि उमा भारती हमारी वरिष्ठ नेता हैं, वे ज्यादा संवेदनशील है, इसलिए उन्होंने ऐसा कहा होगा, लेकिन हम उनके सुझावों पर सरकार के साथ गंभीरतापूर्वक विचार कर निर्णय की स्थिति में पहुंचेंगे।

     

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