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  • Earthquake Pakistan: पाकिस्तान के हरनई में भूकंप से हिली धरती, 15 लोगों की मौत और दर्जनों घायल

    Earthquake Pakistan: पाकिस्तान के हरनई में भूकंप से हिली धरती, 15 लोगों की मौत और दर्जनों घायल

    दक्षिण पाकिस्तान (Pakistan) के हरनई इलाके में आज सुबह तड़के भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं। जिसके बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की और दौड़े। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई हैं और दर्जनों की संख्या में लोग घायल हुए हैं।

    रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के झटके अल सुबह 3.30 बजे महसूस किए गए।

    कई मकानों को काफी नुकसान हुआ है। भूकंप की तीव्रता काफी तेज होने के कारण आस-पास के कई जिलों में नुकसान की बात सामने आ रही है। लोगों की मदद और बचाव कार्य के लिए क्वेटा से भारी मशीनरी रवाना कर दी गई है। फिलहाल, घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाया गया है।

    क्यों आता है भूकंप?

    आपको बता दें कि पृथ्वी के अंदर कई प्लेट्स हैं जो लगातार घूम रही हैं। जब ये प्लेट्स बार-बार टकराती है तो इनके कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। जब यह प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है।

    इसलिए टकराती हैं प्लेंटे

    दरअसल पृथ्वी के अंदर ये प्लेंटे बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस प्रकार ये हर साल चार से पांच मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के करीब जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कभी-कभी ये प्लेटें एक दूसरे से टकरा जाती हैं।

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  • खैबर पख्तूख्वा में टीटीपी आतंकियों का पाकिस्तानी फौज पर हमला, पाक कैप्टन सिकंदर की मौत हुई मौत

    खैबर पख्तूख्वा में टीटीपी आतंकियों का पाकिस्तानी फौज पर हमला, पाक कैप्टन सिकंदर की मौत हुई मौत

    पाकिस्तान के खैबर पख्तूख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (Tehreek-e-Taliban Pakistan) ने आतंकी हमला किया है। इस आतंकी हमले में पाकिस्तानी फौज के एक कैप्टन की मौत हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP- टीटीपी) आतंकियों का एक महीने में ये सातवां हमला है।

    पाकिस्तानी आर्मी की ओर से गुरुवार की शाम को एक बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि आतंकी हमले में मारे गए कैप्टन का नाम सिकंदर था। वे अपनी यूनिट को मिली खुफिया जानकारी के बाद मिलिट्री ऑपरेशन करने के लिए गए थे। इसी दौरान टीटीपी के के आतंकियों ने हमला कर दिया। खबरों से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसा भी कहा जा रहा है कि 27 वर्षीय सिकंदर गोलीबारी के बीच फंस गए थे। इस दौरा वे आतंकियों की गोली का निशाना बन गए। पाक आर्मी ने मुठभेड़ में एक आतंकी भी मारा गया है।

    तालिबान टीटीपी के मामले में दखल नहीं देगा

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि जब से अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हुआ है जब से ही पाकिस्तान में भी तालिबान के हौसले बुलंद हैं। लगातार पाकिस्तानी सेना पर हमले किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, टीटीपी के आतंकियों ने धमकी दी है कि इस इलाके में किसी भी कीमत पर किसी भी सरकारी अधिकारी या कंपनी को भी काम नहीं करने दिया जाएगा।

    इधर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार अफगान तालिबान को मनाने का प्रयास कर रही है। ताकि, वो टीटीपी को पाकिस्तान में हमले करने से रोके। वहीं, तालिबान का कहना है कि यह पाकिस्तान का भीतरी मामला है। तालिबान टीटीपी के मामले में दखल नहीं देगा।

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  • क्या अफगानिस्तान में तालिबानी राज के अंदर बच्चा पैदा करना आसान नहीं, जानें वजह

    क्या अफगानिस्तान में तालिबानी राज के अंदर बच्चा पैदा करना आसान नहीं, जानें वजह

    अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान की हुकूमत (Taliban rule) शुरू हो चुकी है। ऐसे में कई तरह की परेशानियों का सामना अफगान की जनता को करना पड़ रहा है। अभी ताजा मामला एक महिला के प्रसूति के दौरान सामने आया, जब उन्होंने वहां के हालातों की जानकारी दी। इन दिनों अफगान में महिलाओं को भी कई तरह की समस्याओं का सामने करना पड़ रहा है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राबिया नाम की एक महिला अभी नवजात बच्चे की मां बनी हैं।

    वह तीसरी बार मां बनी हैं। लेकिन इस बार का अनुभव थोड़ा परेशानी भरा रहा। उनके तीसरे बच्चे का जन्म कुछ दिन पहले अफगान के पूर्वी हिस्से में स्थित नंगरहार प्रांत के एक अस्पताल में हुआ है। राबिया बताती हैं कि यह मेरी तीसरी संतान है। लेकिन इस बार का अनुभव बिल्कुल अलग था। ये काफी डरावना था।

    उन्होंने इंटरव्यू के दौरान राबिया ने बताया कि प्रसूति विभाग में पिछले कुछ हफ्तों से बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही थीं। बच्चे के जन्म के दौरान राबिया को न तो दर्द कम करने की कोई गोली दी गई और न ही कोई और दवा दी गई। उन्हें खाना भी नहीं दिया गया। बिजली कट गई और जनरेटर चलाने के लिए तेल नहीं था। अस्पताल के कमरे में पारा 43 डिग्री सेंटीग्रेड।

    डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट बताती है कि मृत्यु दर और नवजात मृत्यु के मामले में अफगानिस्तान की स्थिति दुनिया में सबसे ज्यादा खराब है। यहां प्रति लाख बच्चों के जन्म के दौरान 638 महिलाओं की मौत हो जाती है। जबकि साल 2001 में अमेरिकी हमले के बाद स्थिति में सुधार हुआ था।

     

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  • PM Modi US Visit Plan: अमेरिका में ये होगा पीएम मोदी का कार्यक्रम, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    PM Modi US Visit Plan: अमेरिका में ये होगा पीएम मोदी का कार्यक्रम, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अमेरिका के दौरे (America Visit) पर जा रहे हैं। पीएम मोदी यूएस के लिए 23 सितंबर को रवाना होंगे। जहां वो क्वाड कंट्रीज समिट समेत अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और समूह के अन्य नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पीएम मोदी 24 सितंबर को राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात करेंगे।

    अमेरिकी दौरे के दौरान पीएम मोदी 3 बड़े शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे... यानी कि उनका पूरा कार्यक्रम क्या होगा और किन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अमेरिका में पीएम मोदी का पूरा कार्यक्रम पीएम मोदी 23 सितंबर को सुबह अमेरिका के टॉप सीईओ से मुलाकात करेंगे। इसमें एपल के सीईओ टिम कुक भी शामिल होंगे। इस मुलाकात के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से भी बातचीत होगी। 23 सितंबर को पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति क्वाड देशों के नेताओं के रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। फिर 24 सितंबर को पीएम मोदी व्हाइट हाउस में बैठक करेंगे और बाइडन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण दिया है।

    दोनों नेताओं के बीच 24 सितंबर को द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसमें व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। सीमा पार आतंकवाद और कट्टरता जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली मुलाकात होगी। 6 महीने बाद अपने विदेश दौरे पर जा रहे हैं।

     

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  • अंतरिक्ष की सैर कर आम नागरिक धरती पर वापस लौटे, स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल समुद्र में उतरा

    अंतरिक्ष की सैर कर आम नागरिक धरती पर वापस लौटे, स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल समुद्र में उतरा

    SpaceX Inspiration-4 स्पेसएक्स का मिशन सफल रहा है। इस मिशन (SpaceX) के तहत तीन दिन तक पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाने के लिए चार लोगों को एक निजी उड़ान से रवाना किया था, अब चारों लोग पृथ्वी की परिक्रमा करने के बाद सफलतापूर्वक धरती पर लौट आए हैं। इन्हें फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से उड़ान भरने वाला स्पेसएक्स का क्रू ड्रैगन रॉकेट (Crew Dragon Rocket) भी समुद्र में उतर गया है।

    इस बारे स्पेसएक्स ने बताया कि तीन दिनों के लिए पृथ्वी की परिक्रमा करने के बाद स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार इंस्पिरेशन 4 के चारों अंतरिक्ष यात्री अमेरिका में फ्लोरिडा के तट पर अटलांटिक महासागर में सुरक्षित रूप से नीचे उतर गए हैं।

    स्पेसएक्स ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से अंतरिक्ष यान की लैंडिंग की एक क्लिप पोस्ट की और जिसके कैप्शन में लिखा है- पृथ्वी पर आपका स्वागत है है इंस्पिरेशन-4। स्पेसएक्स मिशन कंट्रोलर ने समुद्र में यान की लैंडिंग के बाद कहा कि स्पेसएक्स की ओर से पृथ्वी ग्रह पर आपका स्वागत है। आपके मिशन ने दुनिया को दिखाया है कि अंतरिक्ष हम सभी के लिए है। वहीं, इस अंतरिक्ष यात्रा को स्पॉन्सर करने वाले 38 वर्षीय अरबपति जारेड इसाकमैन ने जवाब में कहा कि बहुत बहुत धन्यवाद, स्पेसएक्स।

    यह शौकिया अंतरिक्ष यात्री अरबपति जेरेड इसाकमैन के नेतृत्व में लॉन्च हुआ था, जिन्होंने सीधे रॉकेट कंपनी से क्रू ड्रैगन कैप्सूल को किराए पर लिया था। उनके साथ मेम्फिस निवासी 29 वर्षीय मेडिकल सहायक हेले आर्सेना, एक फीनिक्स की 51 वर्षीय सामुदायिक कॉलेज प्रोफेसर साइन प्रोक्टर और तीसरे वाशिंगटन में रहने वाले डाटा इंजीनियर क्रिस्टोफर सेमब्रोस्की थे।

     

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  • पीएम इमरान खान का भाषण मंत्री को नहीं आया पसंद!, बगल में बैठे फवाद चौधरी ने की ये हरकत

    पीएम इमरान खान का भाषण मंत्री को नहीं आया पसंद!, बगल में बैठे फवाद चौधरी ने की ये हरकत

    पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pm Imran Khan) शुक्रावार को ताजिकिस्तान (Tajikistan) की राजधानी दुशांबे में 20वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) परिषद के प्रमुखों के शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। लेकिन इस दौरान इमरान खान सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी (Information and Broadcasting Minister Fawad Chaudhary) ने ऐसी हरकत की जिस कारण उनके देश की बड़ी फजीहत हो रही है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहा है।

    बता दें कि शंघाई सहयोग संगठन परिषद के प्रमुखों के शिखर सम्मेलन में जब पीएम इमरान खान बोल रहे थे तब उनकी बगल में बैठे मंत्री फवाद चौधरी जमकर उबासी ले रहे थे। फवाद चौधरी (Fawad Chaudhary) का इंटरनेशल समिट के दौरान यूं उबासी लेना पाकिस्तान (Pakistan) की जमकर फजीहत करवा रहा है। यहां तक की पाकिस्तान के लोग भी सोशल मीडिया पर उन्हें और अपने प्रधानमंत्री इमरान खान को जमकर ट्रोल कर रहे हैं।

    पाक पीएम इमरान खान (Pak Pm Imran Khan) ने एससीओ समिट में बोलते हुए कहा कि अफगानिस्तान में एक नई हकीकत स्थापित हुई है। अब यह सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International community) के सामूहिक हित में है कि कोई नया संघर्ष नहीं हो और वह आतंकवादियों के लिए फिर कभी सुरक्षित पनाहगाह न बने। दुनिया के लिए यह राहत की बात होनी चाहिए कि तालिबान (Taliban) के द्वारा अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा करने के बाद और वहां से विदेशी सैनिकों की वापसी रक्तपात एवं गृहयुद्ध के बगैर, शरणार्थियों के बड़े पैमाने पर पलायन के बगैर हुई है। एक शांतिपूर्ण एवं स्थिर अफगानिस्तान से पाकिस्तान (Pakistan) का हित जुड़ा हुआ है।

     

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  • पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का आरोप, भारत ने जम्मू कश्मीर में केमिकल हथियारों का किया इस्तेमाल

    पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का आरोप, भारत ने जम्मू कश्मीर में केमिकल हथियारों का किया इस्तेमाल

    पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Foreign Minister Shah Mehmood Qureshi) ने एक डोजियर जारी किया है। इस डोजियर (dossier) के जरिए पाक के विदेश मंत्री ने भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। जिसमें विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि भारत जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में मानवाधिकार अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। इसके साथ शाह महमूद कुरैशी ने भारत (India) पर आरोप लगाया है कि उसने जम्मू कश्मीर में कैमिकल हथियारों का इस्तेमाल किया है। बता दें कि भारत पाकिस्तान से कई बार कह चुका है कि जम्मू कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है, हिस्सा था और हिस्सा रहेगा। पाकिस्तान को इसके अलावा यह भी कहा था कि उसे हमारे देश के भीतर के अंदरूनी मामले में दखल देना बंद कर देना चाहिए और वास्तविकता को पहचानना चाहिए।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जम्मू कश्मीर के आतंकियों (Terrorist) से स्वतंत्रता सेनानियों (Freedom Fighters) की तुलना भी की। और जम्मू कश्मीर को खुली जेल तक करार दे दिया। अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी (Separatist leader Syed Ali Geelani) के अंतिम संस्कार को लेकर झूठ फैलाते हुए महमूद शाह कुरैशी ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई थी। गिलानी के शव को जबरन छीनकर दफनाया गया। जबकि गिलानी के अंतिम संस्कार को लेकर वीडियो भी जारी किया गया है।

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ के साथ इस प्रोपगैंडा डोजियर को सार्वजनिक किया है। जानकरी के अनुसार, विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि इस डोजियर में 3 चैप्टर, 113 रेफरेंसेज, 26 अंतरराष्ट्रीय मीडिया समीक्षा रिपोर्ट और 41 भारतीय मीडिया और थिंकटैंक की रिपोर्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि पाक के तैयार किए गए इस डोजियर में जम्मू कश्मीर में भारत की कथित आक्रामकता और बर्बरता के बारे में बताया गया है।

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  • अलकायदा ने तालिबान को दी जीत की बधाई, जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए संदेश से बढ़ी भारत की टेंशन!

    अलकायदा ने तालिबान को दी जीत की बधाई, जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए संदेश से बढ़ी भारत की टेंशन!

    अमेरिकी सैनिकों (American troops) की वापसी के बाद तालिबान (Taliban) ने अब पूरे अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा कर लिया है। अमेरिका के काबुल एयरपोर्ट छोड़ने के बाद तालिबान ने जीत का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अलकायदा (international terrorist organization Al Qaeda) ने तालिबान को जीत की बधाई दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में जीत पर तालिबान को बधाई संदेश में अलकायदा की तरफ से कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और अन्य तथाकथित इस्लामी भूमि (Islamic lands) को इस्लाम (Islam) के दुश्मनों के चंगुल से मुक्त करने की जरूरत है।
     

    अलकायदा ने फिलिस्तीन, लेवेंट (शाम), सोमालिया और यमन की मुक्ति के बारे में भी बात की है। अल-कायदा ने तालिबान को एक संदेश में कहा कि अल्लाह, लेवंट, सोमालिया, जम्मू-कश्मीर और अन्य इस्लामी भूमि को इस्लाम के दुश्मनों के चंगुल से मुक्त करें। ऐ अल्लाह दुनिया भर के मुस्लिम बंदियों को आज़ादी दे।अलकायदा के बयान के बाद जम्मू-कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है। हाल में तालिबानी नेता शेर मोहम्मद ने कहा था कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का आंतरिक मामला है। उसे तालिबान या अफगानिस्तान को इसमें खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दोनों देशों को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। हमें अपने पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की जरूरत है।

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि फरवरी 2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका और तालिबान के बीच एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते में कहा गया था कि अफगानिस्तान में तालिबान अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद दुनिया के अन्य आतंकवादी समूहों के साथ सभी संबंधों को खत्म कर देगा। खासकर अल कायदा के साथ। लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध निगरानी दल द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि तालिबान ने अलकायदा के साथ संबंध तोड़ दिए हैं।

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  • काबुल छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, मैं इस फैसले की जिम्मेदारी ले रहा हूं: जो बाइडेन

    काबुल छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, मैं इस फैसले की जिम्मेदारी ले रहा हूं: जो बाइडेन

    अमेरिकी सेना (American Army) ने अफगानिस्तान (Afganistan) को पूरी तरह से छोड़ दिया है। जिसके बाद राष्ट्रपति जो बाइडन (president Joe Biden) तीखी आलोचना का सामना कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश को संबोधित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आखिरी अमेरिकी सी-17 विमान (America C-17 Flight) राजधनी काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) से लौटने के 24 घंटे बाद, अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को खत्म करने और 31 अगस्त की समय सीमा से पहले सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस लेने के अपने निर्णय का बचाव किया है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) अपने संबोधन में कहा कि मेरा मानना है, 'यह सही, बुद्धिमानी भरा और सर्वोत्तम फैसला है। अफगानिस्तान में युद्ध (War) अब खत्म (End) हो गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे का सामना करने वाला मैं चौथा राष्ट्रपति (Fourth President) हूं। मैंने इसे खत्म करने के लिए देशवासियों American से वादा किया और अपने वादे का सम्मान भी किया। व्हाइट हाउस (White House) के एक भाषण (Speech) में राष्ट्रपति ने कहा कि मैं इस युद्ध को हमेशा के लिए आगे नहीं बढ़ाने वाला था।

    मैं इस फैसले की जिम्मेदारी ले रहा हूं। लोगों का कहना है कि यह फैसला हमें पहले लेना चाहिए था। मैं इससे सहमत नहीं हूं क्योंकि अगर यह पहले होता तो वहां अराजकता का माहौल हो जाता और गृहयुद्ध (civil war) की स्थिति हो जाती। ऐसे में बिना चुनौती और खतरे के वहां से निकला नहीं जा सकता था। अफगानिस्तान के बारे में यह फैसला सिर्फ अफगानिस्तान तक सीमित नहीं है। यह अन्य देशों पुनर्निर्माण के लिए सैन्य अभियानों (military operations) के एक युग को भी खत्म करने जैसा है। अमेरिका (America) ने अफगानिस्तान में जो किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को पेशेवर तरीके से निकाला गया और हमने जो किया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। राष्ट्रपति (Presedent) ने दावा किया है कि लगभग 1,25000 से ज्यादा लोग एयर लिफ्ट (Air lift) किया गया है।

    इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमारे पास काबुल छोड़ने (leaving Kabul) के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। हमने केवल अमेरिकी हितों के लिए काबुल को छोड़ा है। अफगानिस्तान की धरती (Land) का इस्तेमाल आतंक के लिए नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति ने वैश्विक नीति (global policy) के संदर्भ में कहा कि हम चीन से कड़े मुकाबले का सामना कर रहे हैं। रूस भी हमें चुनौती दे रहा है। हम अफगानिस्तान में उनसे मुकाबला नहीं करना चाहते। हम नए रास्तों से आगे बढ़ना चाहते हैं। हमारी विदेश नीति देश हित में होनी चाहिए। 20 वर्ष की हमारी लड़ाई बहुत मुश्किल थी। यह अमेरिका के लिए बहुत महंगा साबित हुआ।

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  • Afghanistan Crisis: अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाकों का लिया बदला किया ये दावा

    Afghanistan Crisis: अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाकों का लिया बदला किया ये दावा

    अमेरिका (America) ने काबुल (Kabul) एयरपोर्ट पर हुए धमाकों का बदला ले लिया है। आज सुबह तड़के अमेरिका ने खुद को इस्लामिक स्टेट (US Drone Strike ISIS) कहने वाले आतंकवादी संगठन के खिलाफ ड्रोन हमले किए हैं। इस बात की जानकारी पेंटागन ने दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती बम धमाकों (suicide bombings) में लगभग 169 लोगों की मौत हुई है। इस आतंकी हमले (Terrorists attack) में 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉडल (ISIS-K) ने ली थी। जिसके बाद अमेरिकी सैन्य बलों ने एक ISIS-K प्लानर के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के तहत अमेरिकी सेना (America Army) ने ये हमले नानगहर प्रांत में किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इस ड्रोन हमले (Drone attacks) में काबुल बम धमाके के मुख्य साजिशकर्ता को मार गिराने का दावा किया है।

    यूएस सेंट्रल कमांड (US Central Command) के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन (Spokesperson Captain Bill Urban) का कहना है कि यह मानवरहित हमला अफगानिस्तान के नानगहर प्रांत (Nangarh Province) में हुआ है। उन्होंने जानकारी दी है कि शुरुआती संकेत मिलें हैं कि हमने लक्ष्य को खत्म कर दिया है। हमें किसी आम नागिरक की मौत की जानकारी नहीं है।

    साथ ही बताया कि अमेरिकी सैन्य बलों (US military forces) ने एक आईएसआईएस-के प्लानर के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा कारणों के चलते अमेरिकी नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट पर अलग-अलग गेट्स से तुरंत निकलने को कहा गया है।

    बता दें कि वहीं अमेरिका, काबुल एयरपोर्ट पर एक और हमले की आशंका जता चुका है और अपने नागरिकों से तत्काल वहां से निकलने का अनुरोध किया है।

     

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  • काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमले की आशंका, अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर

    काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमले की आशंका, अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर

    अफगानिस्तान (Afghanistan) में काबुल एयरपोर्ट (Kabul airport) पर बीते गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले से हड़कंप मचा हुआ है। काबुल एयरपोर्ट पर एक बार फिर से आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां (security agencies) भी अलर्ट पर हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (president Joe Biden) को उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने बताया है कि काबुल (Kabul) में एक और आतंकवादी (terrorist attack) हमला हो सकता है। इस मिशन के अगले कुछ दिनों में अमेरिकी (American) संबद्ध कर्मियों और अफगान (Afghan) भागीदारों को निकालने के लिए अब तक का सबसे खतरनाक दौर होगा।

    खबरों से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका विदेश विभाग (US State Department) के प्रवक्ता नेड प्राइस (Spokesperson Ned Price) का कहना है कि हमारे लोगों के जाने के बाद हम काबुल एयरपोर्ट को वापस अफगान लोगों को हैंड ओवर कर देंगे। इसके अलावा अमेरिकी व्हाइट हाउस (White House) की प्रेस सचिव जेन साकी (Jain Saki) ने कहा कि राष्ट्रपति को उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और क्षेत्र में सैन्य कमांडरों और राजनयिकों के साथ एक स्थिति कक्ष ब्रीफिंग में खतरे की सलाह दी गई है। उन्होंने उन्हें आश्वासन (believe) दिया कि काबुल एयरपोर्ट पर ज्यादा बल को लगाया गया है और सुरक्षा (security) के सभी उपाय किए जा रहे हैं।

    कमांडरों (commanders) ने अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) को इस्लामिक स्टेट-खुरासान के टारगेटों को विकसित करने की परिचालन योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने राष्ट्रपति (president) से कहा कि 'अफगानिस्तान (Afghanistan) से लोगों को निकालने के मिशन के दौरान अगले कुछ दिन अब तक का सबसे खतरनाक समय होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कमांडरों को विश्वास दिलाते हुए कहा है कि ऑपरेशन (operation) को पूरा करने और अमेरिकी सैनिकों की रक्षा करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाने की उनकी मांग को स्वीकृति दी जाती है। सभी ने रिपोर्ट किया है कि उनके पास वे सभी संसाधन मौजूद हैं।

    कमांडरों का मानना है कि उन्हें प्रभावी ढंग से मिशन को पूरा करने की जरूरत है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन (US Defense Department Pentagon) ने भी चेतावनी (warnin दी है कि काबुल हवाई अड्डे (Kabul airport) पर फिर आतंकी हमले हो सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि हाल ही में काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमला हुआ था। जिसमें कम से कम 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में अमेरिकी सेना के 13 जवान भी शामिल हैं।
     

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  • अफगान सरकार को बड़ा झटका,तालिबानी लड़ाकों ने कंधार शहर पर किया कब्जा गर्वरनर के ऑफिस से वीडियो वायरल

    अफगान सरकार को बड़ा झटका,तालिबानी लड़ाकों ने कंधार शहर पर किया कब्जा गर्वरनर के ऑफिस से वीडियो वायरल

    अफगानिस्तान में तालिबान की रफ्तार और तेज हो चली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। ये शहर राजधानी काबूल से सिर्फ 500 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। बीते एक सप्ताह के अंदर तालिबानी लड़ाकों ने 12 जिलों को अपने कब्जे में ले लिया है।

    12 जिलों पर अफगानिस्तान का कब्जा

    समाचार एजेंसी एएफपी ने जानकारी देते हुए बताया कि तालिबान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर कब्जा कर लिया है। ऐसा लगता है कि जल्द ही तालिबानी काबुल पर कब्जा कर लेंगे। जिसके बाद अफगान पूरी तरह से टूट जाएगा। कंधार पर कब्जा करने से पहले तालिबान ने गजनी और हेरात पर कब्जा कर चुके हैं। जो काबुल से महज 130 किलोमीटर दूर है।

    अफगान सरकार ने पेश किया प्रस्ताव

    ऐसा अनुमान है कि तालिबान का अब देश के दो-तिहाई हिस्से पर नियंत्रण है। अब तक 12 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर चुके तालिबानियों ने गजनी में सफेद झंडे फहराया। वहीं खबर है कि अफगान सरकार ने तालिबान से सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव भी रखा है। अफगान सरकार की ओर से पेश होने वाले वार्ताकारों ने तालिबान को युद्ध खत्म करने के बदले में एक बड़ी पेशकश की है जबकि भारत और अमेरिका जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों को तुरंत अफगानिस्तान छोड़ने के लिए कहा है। इसके लिए दूतावास की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। खबर है कि तालिबान के आतंकियों ने कंधार जेल को तोड़कर अपने 1000 कमांडोज को छुड़ा लिया है। बघलान सेंट्रल जेल हमला किया था।

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  • काबुल में अफगान रक्षा मंत्री के आवास के पास कार में धमाका, 8 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा घायल

    काबुल में अफगान रक्षा मंत्री के आवास के पास कार में धमाका, 8 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा घायल

    अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में अफगान रक्षा मंत्री के आवास के पास कार में विस्फोट हुआ है। इस धामके में 8 लोगों की मौत हो गई है और 20 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि बीती रात काबुल में कार्यवाहक रक्षा मंत्री जनरल बिस्मिल्लाह मोहम्मदी ( Defence Minister General Bismillah Mohammadi) के आवास के पास एक कार बम विस्फोट में एक महिला समेत आठ लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए हैं। टोलोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हमला स्थानीय समयानुसार बीती रात करीब 10 बजे काबुल जिले के शिरपुर इलाके में हुआ। यहां पर उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों का घर है। रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मदी के घर के पास एक कार बम विस्फोट किया गया और फिर चार बंदूकधारी पास के एक घर में घुस गए। जहां पर सुरक्षागार्डो और बंदुकधारियों के बीच फायरिंग भी हुई। कार्यवाहक रक्षा मंत्री के आवास के पास कई विस्फोटों और छिटपुट गोलियों की आवाज भी सुनी गई।

    बता दें कि इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें विस्फोट के कुछ मिनट बाद घटनास्थल से धुएं के बड़े गुबार निकलते दिखाई दिए। अफगान मीडिया के अनुसार, कार में विस्फोट हुआ था। सूत्रों का कहना है कि विस्फोट कार्यवाहक रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी के एक गेस्ट को निशाना बनाने के लिए किया गया था। जिस समय कार में धमाका हुए उस समय उनका गेस्ट वहां पर नहीं था। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह धमाका कई अफगान शहरों में अफगानिस्तान बलों और तालिबान के बीच भारी झड़पों के बीच हुआ है। बीते कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में हिंसा में बढ़ोतरी देखी गई है। क्योंकि, तालिबान ने नागरिकों और अफगान सुरक्षा बलों के खिलाफ अपने आक्रमण को तेज कर दिया है।
     

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  • ब्रिटेन में भारतीय महिला ने इस डर से कर दी अपनी 5 साल की बेटी की हत्या, 15 बार मारा चाकू

    ब्रिटेन में भारतीय महिला ने इस डर से कर दी अपनी 5 साल की बेटी की हत्या, 15 बार मारा चाकू

    ब्रिटेन में एक 36 वर्षीय भारतीय महिला ने अपनी ही 5 साल की बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद मां ने अपनी बेटी की हत्या का जुर्म भी कबूल कर लिया। लेकिन जब माँ ने हत्या के पीछे की वजह बताइए तो हर कोई सकते में रह गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला का कहना है कि उसने अपनी बेटी की हत्या इसलिये की कि उसके अंदर कोरोना वायरस से मरने का डर पैदा हो गया था।उसकी छोटी बच्ची उसके बिना नहीं रह सकती। यही सोच कर मैंने उसकी हत्या कर दी।

    मेट्रो डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट के अनुसार, 35 वर्षीय महिला सुधा शिवनाथम ने दक्षिण लंदन के अपने फ्लैट के बेडरूम में बीते साल अपनी बेटी सयागी की 15 बार चाकू मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं महिला ने अपनी बेटी की हत्या करने के बाद खुद को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया। इस मामले के संबंध में महिला के पति का कहना है कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित होने को लेकर डर गई थी। हो सकता है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों की वजह से वह अकेलापन महसूस कर रही हो और उसे कोई रास्ता न सूझा हो।

    गुरुवार को ओल्ड बेली में पेश हुई महिला शिवनाथम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। महिला को अनिश्चित काल के लिए अस्पताल में रखा जाएगा। उसे मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम की धारा 37 और 41 के तहत अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। गौरतलब है कि महिला शादी के बाद साल 2006 से ब्रिटेन में रह रहे थी।

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  • दुनिया के 29 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट 'लैम्बडा', WHO ने चेताया

    दुनिया के 29 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट 'लैम्बडा', WHO ने चेताया

    चीन के वुहान (Wuhan) से शुरू एक कोरोना वायरस का प्रकोप अभी कम नहीं हो रहा ही। पूरी दुनिया (World) में कोरोना वायरस अपना कहर बरपा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO- डब्ल्यूएचओ) ने अब कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर चेताया है। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization ) का कहा है कि कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट 'लैम्ब्डा' ('lambda) सामने आया है।

    जोकि विश्व के 29 देशों में फैला है। डब्ल्यूएचओ ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' (VOI-वीओआई) का नाम दिया है। बता दें कि वर्तमान समय में विश्व के कई देश डेल्टा कोविड-19 (Covdi-19) वैरिएंट से जूझ रहे हैं। इसी बीच लैम्ब्डा वैरिएंट (lambda Variants) सामने आया है। डब्ल्यूएचओ की तरफ से जांच की जा रही है कि यह नया वैरिएंट किताना खतरनाक है।

    दक्षिण अमेरिका में मिला कोरोना का नया वैरिएंट

    डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अधिकतर कोरोना वायरस का यह नया वैरिएंट लैम्बडा दक्षिण अमेरिका (South America) में मिला है। इसी वैरिएंट की उत्पत्ति भी दक्षिण अमेरिका से ही मानी जा रही है। डब्ल्यूएचओ के साप्ताहिक बुलेटिन के मुताबिक, यह नया वैरिएंट का सबसे पहला केस अगस्त 2020 (August 2020) में पेरू में पाया गया था। तब से दुनिया भर के 29 देशों में इस वैरिएंट के फैलने की जानकारी मिली है।

    ये ज्यादातर लैटिन अमेरिका में फैला है, जिसमें अर्जेंटीना और चिली शामिल हैं। साल 2021 में अप्रैल महीने तक पेरू (Peru) में दर्ज किए गए सभी कोरोनो मामलों (Corona Case) में से 81 फीसदी केस 'लैम्ब्डा' वैरिएंट के हैं। वहीं चिले (Chile) में बीते 2 महीने में दर्ज किए गए मामलों में से 32 फीसदी प्रतिशत मामले भी इसी वैरिएंट के हैं। वहीं अर्जेंटीना (Argentina) और इक्वाडोर (Ecuador) में भी कोविड-19 के कई वैरिएंट मिले हैं।

     

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