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  • जल्द ही भारत में तैयार होगी ओमिक्रॉन वैक्सीन, ये कंपनी कर रही तेजी से काम
  • Ashes 2022: ऑस्ट्रेलिया ने जमाया एशेज सीरीज पर कब्जा, इंग्लैंड को दी 146 रनों से शिकस्त
  • उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह भाजपा से निष्कासित
  • Twin Tower : नोएडा में ट्विन टावर को मुंबई की कंपनी गिराएगी
  • आज वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम को PM Modi करेंगे संबोधित, जानें कौन-कौन से देश लेंगे हिस्सा
  • पिछले 24 घंटे में 2 लाख 58 हजार कोरोना के नए मामले, देशभर में सक्रिय मरीज 16 लाख तो 385 की मौत

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  • सर्दी से अभी नहीं मिलेगी राहत, अगले दो दिनों तक इन राज्यों में बारिश के साथ पड़ेगी ठंड

    सर्दी से अभी नहीं मिलेगी राहत, अगले दो दिनों तक इन राज्यों में बारिश के साथ पड़ेगी ठंड

    देश के ज्यादातर हिस्सों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। इतना ही नहीं मौसम वैज्ञानिकों (Weather Report) के मुताबिक अगले दो दिनों तक यह ठंड और ठिठुरन बढ़ेगी। इसका असर उत्तर भारत के ज्यादातर राज्य जैसे- दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र और तेलंगाना में रहेगा। यहां घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही बारिश और शीतलहर (Cold Waves) के आसार है।

    वहीं 21 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर प्रश्चिमी भारत को प्रभावित करने की संभावना है। वहीं अगले 5 दिनों तक पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग अलग हिस्सों में रात और सुबह के समय घंटों तक घना कोहरा रहने की संभावना है। इसके साथ ही यूपी के ज्यादातर इलाकों में चक्रवाती हवाओं का रुख बना हुआ है। साथ ही दूसरी ओर दक्षिण कोंकण और गोवा के पास भी इसी तरह का हाल रहेगा।

    इन राज्यों में हो सकती है हल्की बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, आंतरिक तमिलनाडु में हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 20 से 21 जनवरी के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघायल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 21 से 23 जनवरी के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी व्यापक रूप से बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे अधिकतम तापमान तिव्रता के साथ नीचे जाएगा।

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  • आज वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम को PM Modi करेंगे संबोधित, जानें कौन-कौन से देश लेंगे हिस्सा

    आज वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम को PM Modi करेंगे संबोधित, जानें कौन-कौन से देश लेंगे हिस्सा

    पीएम मोदी (PM Modi) सोमवार को वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम (world economic forum) सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का ये संबोधन भारतीय समयानुसार रात साढ़े आठ बजे होगा। वहीं हर साल की तरह ये सम्मेलन स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित किया गया है। हालांकि कोरोना के कारण इसे दूसरी बार वर्चुअल मोड में करना पड़ रहा है।

    बता दें कि 17 से 21 जनवरी तक चलने वाले इस खास सम्मेलन का टॉपिक द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड है। वहीं इस सम्मेलन में पीएम मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फूमियो, ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन समेत दुनिया के कई नेता अपने विचार रखेंगे। दुनिया के सभी राष्ट्रध्यक्षों की भागीदारी वाले सम्मेलन के तौर पर ये इस साल का पहला बड़ा आयोजन है।

    इससे पहले भी साल 2018 में पीएम मोदी दावोस के वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम में हिस्सा लेने गए थे। बीस साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का ये दौरा हुआ था। पीएम मोदी से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा ने इस सम्मेलन को सम्बोधित किया था। पिछले सम्मेलन में पीएम मोदी अपने भाषण के कारण काफी चर्चा में रहे थे।

    दावोस में सम्मेलत की शुरुआत

    गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड के दावोस में 1971 में इस सम्मेलन की शुरुआत हुई थी। साल 1987 में इसका मौजूदा नामकरण विश्व आर्थिक मंच रखा गया था। हर साल दुनिया भर के नेता कई आर्थिक मुद्दों पर अपने रखते हैं। राष्ट्रध्यक्षों के अलावा बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्रमुख और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के लोग भी इसमें हिस्सा लेते हैं।

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  • केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा, मर्जी के बगैर किसी को नहीं लगाया जा सकता कोरोना टीका

    केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा, मर्जी के बगैर किसी को नहीं लगाया जा सकता कोरोना टीका

    देश में जहां कोरोना वैक्सीनेशन अभियान (Corona Vaccination Campaign) एक साल पूरा हो चुका है, वहीं बड़ी आबादी अभी भी कोविड वैक्सीनेशन (Covid Vaccination) से दूर है। कई राज्यों ने तो कोविड वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने के लिए इससे वंचित लोगों को कुछ सुविधाएं सीमित करने तक का फैसला कर रखा है। इससे लोगों को मजबूरी में भी टीका लगवाना पड़ रहा है। अब केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर स्थिति स्पष्ट की है कि किसी को जबरन कोविड टीका नहीं लगवाया जा सकता।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए एक हलफनामे में कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशा-निर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। केंद्र ने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों के लिए ऐसा कोई मानक संचालन प्रक्रिया को जारी नहीं किया गया है, जो किसी भी उद्देश्य के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने की अनिवार्य है।

    बता दें कि केंद्र ने यह हलफनामा गैर सरकारी संगठन (NGO) एवारा फाउंडेशन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई जनहित अर्जी के जवाब में हलफनामा दिया था। एनजीओ की अर्जी में कहा गया था कि दिव्यांगजनों का टीकाकरण घर-घर प्राथमिकता के आधार पर करने का अनुरोध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।

    बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान फरवरी तक

    इस बीच टीकाकरण अभियान को लेकर राहत भरी खबर भी है। देश में 12 से 14 साल के बच्चों का कोरोना टीकाकरण फरवरी के आखिरी हफ्ते या मार्च से शुरू हो सकता है। नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTGAI) के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोड़ा ने इस बारे में जानकारी दते हुए कहा है कि देश में कोरोना महामारी से जंग में 12 से 14 साल के बच्चों का कोरोना टीकाकरण फरवरी के आखिरी हफ्ते या मार्च से शुरू हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य फिलहाल 15 से 18 साल के बच्चों पर है। उन्होंने उम्मीद जताया कि 15 से 18 साल के बच्चों को जनवरी अंत तक टीके की पहली और फरवरी अंत तक दूसरी डोज देना है।

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  • जल्द ही भारत में तैयार होगी ओमिक्रॉन वैक्सीन, ये कंपनी कर रही तेजी से काम

    जल्द ही भारत में तैयार होगी ओमिक्रॉन वैक्सीन, ये कंपनी कर रही तेजी से काम

    Health: कोरोना (Corona) का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है। भारत (India) में भी इसका संक्रमण दर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं अब भारत की फार्मा कंपनी 'जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स' (Gennova Biopharmaceuticals) इसकी वैक्सीन बनाने में लगी है। खबरों के मुताबिक ओमिक्रॉन की वैक्सीन (Omicron Vaccine) एक या दो महीनों में तैयार हो जाएगी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फार्मा कंपनी कोविड-19 (Covid-19) के इस नए वेरिएंट की वैक्सीन पर तेजी से काम कर रही है।

    एक न्यूज एजेंसी के किसी सूत्र ने जो कि अपना नाम जाहिर होनें नहीं देना चाहता उसने बताया कि इससे पहले कि वैक्सीन को बूस्टर या स्टैंडअलोन वैक्सीन के रूप में रोल आउट किया जा सके। प्रोडक्ट को भारत में एक छोटे ट्रायल की आवश्यकता हो सकती है। वहीं जेनोवा के एक प्रतिनिधि, दवा निर्माता एमक्योर फार्मास्युटिकल्स (Emcure Pharmaceuticals) की एक यूनिट, जो लगभग 70 देशों में कारोबार करती है, उसने इस पर तुरंत कोई भी कमेंट करने से मना कर दिया है। वहीं पीफाइजर इंक (Pfizer Inc) ने कहा कि पिछले हफ्ते कोविड- 19 की वैक्सीन को फिर से डिजाइन किया गया है, जो कोरोना के नए वेरिएंट को सीधा टारगेट करता है। इसे मार्च तक लॉन्च के लिए तैयार किया जा सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्र ने कहा कि जेनोवा ने शुक्रवार को अपने मूल एमआरएनए वैक्सीन (mRNA Vaccine) उम्मीदवार के लिए भारत के ड्रग रेगुलेटर फेज 2 ट्रायल डाटा को अलग से पेश किया है। सरकार ने पिछले साल कहा था कि प्रारंभिक अध्ययन के प्रतिभागियों में उत्पाद "सुरक्षित, सहनीय और इम्यूनोजेनिक" पाया गया था। यदि आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी जाती है, तो यह फाइजर और मॉडर्न द्वारा विकसित की तरह देश का पहला एमआरएनए कोविड- 19 (mRNA COVID-19) वैक्सीन होगी।

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  • छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने नोएडा में मांगे कांग्रेस के लिए वोट, डोर-टू-डोर चलाया खास अभियान

    छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने नोएडा में मांगे कांग्रेस के लिए वोट, डोर-टू-डोर चलाया खास अभियान

    उत्तर प्रदेश (UP) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के पहले चरण के मतदान (Election First Phase) की तिथि नजदीक आने के साथ ही प्रचार अभियान भी तेजी पकड़ गया है। पहले फेज की वोटिंग दस फरवरी को होनी है। ऐसे में दिग्गज नेताओं को भी मैदान पर देखा जा रहा है। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) नोएडा (Noida) में कांग्रेस (Congress) के लिए वोट मांगते दिखाई दिए। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक (Pankhuri Pathak) के लिए डोर टू डोर अभियान भी चलाया।

    इस दौरान सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नोएडा के लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हाई प्रोफाइल चुनाव बनाने से बड़े-बड़े लोग चुनाव जीतकर यहां के लोगों को अपने हाल पर छोड़ वापस दिल्ली चले जाते हैं। यहां दौरा करके मुझे पता चला कि यहां के लोग अपने बीच के लोगों को जिताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल होगी।

     

    बता दें कि कांग्रेस ने नोएडा विधानसभा सीट से पंखुड़ी पाठक को टिकट दिया है। पंखुड़ी समाजवादी पार्टी में थी और उन्हें अखिलेश यादव के साथ ही उनकी पत्नी डिंपल यादव को भी करीबी मानी जाती थी। बाद में विवाद के चलते पंखुड़ी ने सपा छोड़ दी और कांग्रेस जॉइन कर ली। आज डोर टू डोर अभियान में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने लोगों को कांग्रेस के दावों से अवगत कराया और साथ ही स्थानीय प्रत्याशी के कार्यों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि आने वाले चुनाव में प्रत्याशी के पक्ष में वोट करके कांग्रेस को मजबूत किया जाए।

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  • UP Election : दारा सिंह चौहान ने सपा जॉइन की, अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर कसा तंज

    UP Election : दारा सिंह चौहान ने सपा जॉइन की, अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर कसा तंज

    समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने जहां अन्य दलों से टिकट की चाह लेकर उनकी पार्टी जॉइन करने वालों के लिए रास्ता बंद कर दिया है, उनके आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। योगी सरकार (Yogi Government) में पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) ने भी अब सपा जॉइन कर ली है। उनके साथ ही कई अन्य नेता भी सपा में शामिल हुए हैं।

    इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर सीट से टिकट देने पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि डबल इंजन की सरकार के इंजन एक दूसरे से टकरा रहे हैं। दिल्ली और लखनऊ वाले एक दूसरे के इंजन के पहिये खोल रहे हैं लेकिन इस लड़ाई में जो विदाई हुई है, गोरखपुर के लिए मैं बधाई देता हूं।

    अखिलेश यादव ने कहा कि मैंने तस्वीरें देखीं कि कैसे वह (योगी आदित्यनाथ) बे-मन से खिचड़ी खा रहे थे... यह लोग वोट के लिए खिचड़ी खा रहे हैं । हर वर्ग के लोग समझ गए हैं कि यह वोट के लिए सब कुछ कर रहे हैं। सब साथ आएं और भाजपा की ज़मानत जब्त कराएं। इस दौरान दारा सिंह चौहान ने बीजेपी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सबका साथ, सबका विकास किया लेकिन कुछ चंद लोगों का ही विकास हुआ है।

    उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने हर वर्ग के व्यक्ति को धोखा दिया है। युवाओं ने नौकरी के लिए बीजेपी को वोट किया, लेकिन रोजगार नहीं मिला। फसलों के लिए किसानों ने वोट दिया तो उन्हें खुले आसमान पर अपने हक के लिए साल तक सड़कों पर सोना पड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जनता आइना दिखाकर रहेगी।

    सिद्धार्थनाथ ने किया पलटवार

    सीएम योगी के गोरखपुर सीट से टिकट देने के बाद अखिलेश जिस तरह से तंज कस रहे हैं, उसे लेकर यूपी के मंत्री सिद्धार्थनाथ ने पलटवार किया है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश जी को समझ नहीं आता कि उनका घर कहां है,जहां भी घर बनाते हैं उसे छोड़ देते हैं। इसी तरह जो अपना घर भूल जाता है, वो प्रदेश को क्या याद रखेगा? हमारे CM गोरखपुर से हैं और वहीं से चुनाव लड़ रहे हैं,वो अपने घर को नहीं भूले तो प्रदेश को भी नहीं भूलेंगे।

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  • कोविड वैक्सीनेशन : टीम हेल्थ इंडिया की असाधारण उपलब्धि की बेमिसाल यात्रा

    कोविड वैक्सीनेशन : टीम हेल्थ इंडिया की असाधारण उपलब्धि की बेमिसाल यात्रा

    डॅा. मनोहर अगनानी

    एक साल,156 करोड़ वैक्सीनेशन! यानि कि हर दिन औसतन 42 लाख से ज़्यादा टीके। यह आलेख "टीम हेल्थ इंडिया" की इस असाधारण उपलब्धि की बेमिसाल यात्रा की कहानी, देशवासियों के साथ साझा करने की एक कोशिश है। हम सभी जानते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े कोविड टीकाकरण अभियान की तैयारी करते समय कुछ बुद्धिजीवियों और विषय विशेषज्ञों नेअनेक तरह की शंकाएं अपने व्यक्तिगत अनुभवों, तथ्यों और तर्कों के आधार पर जाहिर की थीं। मसलन-

    • अव्वल तो देश की ज़रुरत के मुताबिक वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं हो पाएगा। और अगर हो भी गया तो हमारे देश में इतनी अधिक मात्रा में वैक्सीन को सुरक्षित रखने की स्टोरेज क्षमता भी नहीं है।

    • इस क्षमता को विकसित करने में तो बहुत समय लग जाएगा।

    • वैक्सीन की स्टोरेज हो भी गई तो परिवहन की व्यवस्था और ट्रेन्ड मैन-पॉवर कहाँ है।

    • इतनी विशाल जनसंख्या के टीकाकरण के लिएट्रेन्ड मैन-पॉवर तैयार करने में कितना समय लगेगा, इसका कोई अंदाज़ा ही नहीं है।

    • पूरी जनसंख्या को कवर करने में अनेकों साल लग जाएंगे।

    • अब तक हमने कभी भी वयस्क आबादी को टीका नहीं लगाया है। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत हमने सिर्फ़ छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया है, जो कि देश की आबादी का बहुत छोटा हिस्सा ही है।

    • किस बच्चे को कौन सा टीका लगा? कब लगा? इसका नामवर डिजिटल रिकॉर्ड रखने की तो हमने शुरुआत भी नहीं की है।

    • जन मानस की कोविड टीके से सम्बंधित शंकाओं का समाधान कैसे होगा? वैक्सीन हैजीटेंसी कैसे एड्रेस करेंगे?

    • दूरदराज़ के क्षेत्रों में वैक्सीन समय पर और सुरक्षित कैसे पहुंचेगा? उनको टीका कौन लगाएगा? आदि-आदि !

    इन सभी आलोचनाओं और अविश्वास के माहौल के बीच "टीम हेल्थ इंडिया" नेएक सुव्यवस्थित रणनीति और आत्मविश्वास के साथ एकजुट होकर काम करना शुरू कर दिया। इस आत्मविश्वास की पृष्ठभूमि में था-

    • हमारा राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (यू.आई.पी.) को चलाने का वर्षों का अनुभव।

    • पल्स पोलियो अभियान के तहत सीमित समय में लगभग 10 करोड़ छोटे बच्चों को पोलियो की 2 बूँद पिलाने का 25 वर्षों से अधिक का तजुर्बा।

    • पंद्रह साल तक के 35 करोड़ से ज़्यादा बच्चों को मीसल्स एवं रूबेला वैक्सीन लगा पाने की क्षमता।

    • 29,000 से अधिक कोल्ड चेन पॉइंट्स पर वैक्सीन स्टोरेज कर दूर दराज के क्षेत्रों में नियमित रूप से वैक्सीन पहुंचाने का अनुभव।

    • मानकों के अनुरूप वैक्सीन के रखरखाव एवं वितरण की मॉनिटरिंग करने वाली भारतीय प्रणाली ई-विन (इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) का सफल क्रियान्वयन,

    • छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को केन्द्रित कर टीकाकरण करने की "मिशन इन्द्रधनुष" रुपी सटीक रणनीति को क्रियान्वित करने का अनुभव। और इस आत्मविश्वास का सबसे महत्वपूर्ण सबब बना- हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री जी का देश के नागरिकों की छुपी हुई क्षमताओं और योग्यताओं पर अटूट विश्वास, जिसने शुरुआत से ही एक नैतिक संबल प्रदान करने का काम किया।

    इस पृष्ठभूमि के साथ "टीम हेल्थ इंडिया" ने सबसे पहले बुद्धिजीवियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा जाहिर की गई अपेक्षाओं एवं शंकाओं को व्यवस्थित रूप से समाधान करने की रणनीति पर ध्यान केन्द्रित किया। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाएं, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों आदि सभी ने मिलकर ना सिर्फ लगातार हुई मैराथन बैठकों में भाग लिया, हर विषय पर गहन चिंतन और विचार विमर्श किया बल्कि इन चिंतन बैठकों के निष्कर्षों को विभिन्न स्ट्रेटेजीज एवं गाइडलाइन्स का स्वरुप भी प्रदान किया।

    हालांकि अभी टीकाकरण कार्यक्रम का औपचारिक प्रारंभ होना बाकी था, लेकिन "टीम हेल्थ इंडिया" आत्मविश्वास से सराबोर थी और इसके सबब भी थे।16 जनवरी 2021 से पहले सभी आवश्यक तैयारियां जो पूरी हो चुकी थीं, उनमें प्रमुख हैं-

    • कोविड टीकाकरण से संबंधित ऑपरेशनल गाइडलाइंस

    • टीकाकरण के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दलों के सदस्यों की पहचान एवं उनका प्रशिक्षण

    • वैक्सीन को व्यवस्थित रूप से टीकाकरण केन्द्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने और आवश्यक अतिरिक्त भंडारण क्षमता का निर्माण

    • वैक्सीन हैजीटेंसी,ईगरनेस और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर जैसे विषयों पर केंद्रित कम्यूनिकेशन स्ट्रेसटेजी और सभी भारतीयों के टीकाकरण से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में संधारित करने के लिए आकल्पिणत "कोविन प्लेटफार्म" आदि। इन सभी तैयारियों से संबंधित "ड्राय रन" (dry-run) भी सभी राज्यों में किया जा चुका था, जिससे संबंधित एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करना प्रासंगिक है। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हजारों कोविड वैक्सीनेशन सेंटरों, राज्य के मुख्यालयों एवं भारत सरकार के मंत्रालय में पदस्थ टीम जो कोविन प्लेटफार्मपर काम कर रही थी, सभी को15 जनवरी की सारी रात जागना पड़ा।कोई ऐसी तकनीकी समस्या थी, जिसे हल करने के लिए सभी इकट्ठा थे। कड़ाके की ठंड थी। सूर्योदय होने तक सभी के दिल उसी तरह से ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहे थे, जैसे किसी अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण करते समय कमांड सेंटर पर बैठे वैज्ञानिकों का दिल धड़कता होगा। राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण अभियान का नोडल अधिकारी होने के नाते मैं भी "टीम हेल्थ इंडिया" के नैतिक संबल के लिए मंत्रालय में ही साथ था और उस रात टीम की बेचैनी और अंततोगत्वा मिले सुखद परिणाम की अनुभूति का इज़हार शब्दों में नहीं कर सकता। 'कोविन' बखू‍बी चल पड़ा और हम सभी गवाह हैं, इस अनोखे भारतीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की खूबियों के, जिसने लगातार कार्यक्रम की जरूरतों के मुताबिक खुद को और बेहतर किया है। यह वाकई देश-दुनिया के लिए एक अनूठी सौगात है।

    और फिर अभी तो शुरुआत हुई थी। वैक्सीन सीमित मात्रा में उपलब्ध थी और अपेक्षाएं अनन्त थीं।सीमित मात्रा में उपलब्ध वैक्सीन का लगातार तर्कसंगत वितरण एक चुनौती थी। नासिर्फ़भारत सरकार के स्तर पर, अपितु राज्यों एवं जिलों के स्तर पर भी। ऐसे में आलोचनाएं स्वभाविक थीं। "टीम हेल्थ इंडिया" ने इस काम को भी बखूबी अंजाम दिया। लेकिन यह आसान नहीं था। इसके लिए हर रोज़ घंटों वर्चुअल बैठकें करनी पड़तीथीं। वैक्सीहन निर्माताओं के साथ, वैक्सीन परिवहन करने वाली एजेंसियों के साथ, वैक्सीन के भंडारण केंद्रों के साथ, वैक्सी न वितरण करने वाले कोल्ड चेन पाइंट्स के साथ और वैक्सीन लगाने वाले केंद्रों के साथ। और मकसद सिर्फ एक होता था, उपलब्ध वैक्सीन का यथासंभव सर्वश्रेठ इस्तेमाल और वैक्सीन की हर बूंद का सदुपयोग।और अंदाजा लगाइए,देश के दूरदराज के क्षेत्रों में वैक्सीन पहुंचाया गया। जहां सड़क नहीं थी, वहां साइकिल दौड़ाई गई, रेगिस्तान में ऊंट का सहारा लिया गया, नदी पार करने के लिए नाव पर सवारी की गई।पहाड़ों पर तो वैक्सीन कैरियर को अपनी पीठ पर ही उठा लिया। वैक्सीन पहुंचाया भी, लगाया भी। पीले चावल देकर वैक्सीनेशन के लिए आमंत्रित किया। वैक्सीन नहीं लगवाने वाले नागरिकों के लिए 'हर घर दस्तक' देकर पुकार भी लगाई। इस सारी प्रक्रिया का कोई वेस्टर्न मॉडल नहीं था। यह विशुद्ध रूप से भारतीय मॉडल था। इसमें भारत के सामर्थ्य की अनूठी छाप थी।

    एक वर्ष की कोविड टीकाकरण की यह अनूठी गाथा है क्योंकि तैयारी करने के लिए वक्त सीमित था। वक्त के साथ-साथ फील्ड से प्राप्त अनुभवों और सकारात्मक आलोचनाओं और सुझावों से हम सीखते चले गए, कार्यक्रम में सुधार करते चले गए, अपने संकल्प और इरादों को और दृढ़ करते चले गए और सही मायने में अंग्रेजी कहावत "बिल्डिंग द शिप व्हाइलसेलिंग" को चरितार्थ करते चले गए।

    "टीम हेल्थ इंडिया" ने इस सारी धुन में अनदेखी की है अपनी जरूरतों की, अनदेखी की है अपने व्यक्तिगत समय की, अनदेखी की है अपने परिवार की,भुलाया है अपने सपनों को और खोया है अपनों को। लेकिन फ़ख्र ही नहीं, बल्कि यह टीम हेल्थ इंडिया का सौभाग्य भी है कि उसे सदियों में कभी एक बार आने वाला यह अवसर मिला और देश की सेवा करते हुए इस नोबल प्रोफेशन की नोबेलनेस बनाए रखने का मौका भी। हां, उन्हें ढेर सारा प्यार भी मिला।

    मैं जो कुछ देख पाया हूं या लिख पाया हूँ वो तो मात्र "टिप ऑफ द आइसबर्ग" के समान है।"टीम हेल्थ इंडिया" के पास तो ऐसे अनगिनत संघर्ष और संतुष्टि के उदाहरण होंगे। ऐसे उदाहरण जो इंसानियत की मिसाल होंगे, ऐसे उदाहरण जो कृतज्ञता का एहसास कराते होंगे और ऐसे उदाहरण जो आशावाद के वाहक होंगे ।

    अंत में यह याद दिलाना चाहता हूं कि हेल्थ को "पब्लिक गुड" माना गया है और भारत के कोविड टीकाकरण की इस असाधारण गाथा में सरकारी तंत्र की भूमिका ने इस विचारधारा को और पुख्ता किया है, मजबूत किया है।

    ( लेखक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव और कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी हैं, ये उनके निजी विचार हैं )

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  • सीएम योगी की ओमिक्रॉन के मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह,

    सीएम योगी की ओमिक्रॉन के मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह,

    उत्तर प्रदेश (UP) में कोरोना (Corona) के ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Case) के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आज सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने गोरखपुर में बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (Baba Raghav Das Medical College, Gorakhpur) में कोविड सेंटर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जहां गोरखपुर सीट पर मिले अपने टिकट के लिए प्रतिक्रिया दी, वहीं ओमीक्राॅन को लेकर लोगों को जागरूक भी किया। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के भीतर ओमिक्रॉन के सक्रिय मामले बढ़े हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रबंधन एक चुनौती था। आज हर जिले में हमारे पास कोरोना जांच के अत्याधुनिक लैब मौजूद है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे बताया कि जब मार्च 2020 में कोरोना का पहला मामला आया था, उस समय हमारे पास एक भी टेस्ट करने की क्षमता नहीं थी। लेकिन आज प्रदेश 4 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता हासिल कर चुका है।
     

     

     

    सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोविड वैक्सीन की 22,50,00,000 से अधिक डोज दी गई। 15-18 साल के बीच के 47,25,000 नवयुवकों को वैक्सीन की डोज दी गई। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने दोनों डोज ली है और 60 साल से ज़्यादा उम्र है और किसी बीमारी से ग्रस्त हो, वे कोविड की बूस्टर डोज अवश्य लें। उन्होंने ओमिक्रॉन मरीजों को होम आइसोलेशन पर ही रहने की सलाह दी। इसके साथ ही सीएम योगी ने खुद को विधानसभा चुनाव के लिए गोरखपुर सीट से टिकट देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय संसदीय कमेटी का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता सबका साथ, सबका विकास मॉडल पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार यूपी में पूरे बहुमत से बनेगी।

     

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  • सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले- मैं खटीमा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा दिया अबकी बार 60 पार का नारा

    सीएम पुष्कर सिंह धामी बोले- मैं खटीमा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा दिया अबकी बार 60 पार का नारा

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami) आज भारतीय जनता पार्टी (BJP- बीजेपी) की कोर कमेटी की बैठक (BJP Core Committee Meeting) में शामिल हुए। बैठक के बाद उत्तराखंड (Uttarakhand) के सीएम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा कर दिया है कि किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि मैं खटीमा निर्वाचन क्षेत्र (Khatima constituency) से चुनाव लड़ूंगा। हम सब एक साथ हैं और चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। इस बार हमने 'अबकी बार 60 पार' का नारा दिया है। उम्मीदवारों की सूची जल्द घोषित की जाएगी।
     

     

     

     

     

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  • अखिलेश यादव बोले- चंद्रशेखर ने गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार किया, बताई यह बड़ी वजह

    अखिलेश यादव बोले- चंद्रशेखर ने गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार किया, बताई यह बड़ी वजह

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद पर पलटवार किया है। चंद्रशेखर की प्रतिक्रिया से कुछ देर बाद ही अखिलेश यादव ने भी स्थिति स्पष्ट की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैंने उन्हें दो सीटें आवंटित की थीं, लेकिन उन्हें (भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद) फोन आया और इसके बाद उन्होंने गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। अखिलेश ने भाजपा को छोड़कर सपा जॉइन करने वाले नेताओं के लिए भी अहम बात कही। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी को बता दूं कि मैं अब किसी बीजेपी विधायक, मंत्री को नहीं लूंगा। वे चाहें तो (अपने नेताओं को) टिकट देने से इनकार कर सकते हैं।

     

     

    बता दें कि इससे पूर्व चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मेरी अखिलेश यादव से पिछले 6 महीनों में काफी मुलाकातें हुईं हैं। इस बीच सकारात्मक बातें भी हुई, लेकिन अंत समय में मुझे लगा कि अखिलेश यादव को दलितों की ज़रूरत नहीं है। वह इस गठबंधन में दलित नेताओं को नहीं चाहते। वह चाहते हैं कि दलित उनको वोट करें।

     

     

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  • गणतंत्र दिवस समारोह अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हुआ करेगा,

    गणतंत्र दिवस समारोह अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हुआ करेगा,

    Republic Day 2022: गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हुआ करेगा। क्योंकि मोदी सरकार (Modi Govt) ने यह फैसला सुभाष चंद्र बोस की जयंती को गणतंत्र दिवस (Republic Day) समारोह के जश्न में शामिल करने को लेकर लिया है। इस बात की जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी है। बता दें कि इससे पहले सरकार ने सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) की जयंती (Jayanti) को पराक्रम दिवस (paraakram divas) के रूप में मनाने की शुरुआत की थी।

    सूत्रों के मुताबिक, अन्य दिवस जो हर साल मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। उनमें 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मरण दिवस, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती), 15 नवंबर जनजातीय दिवस (बिरसा मुंडा जंयती), 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस (सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों की याद में) आदि शामिल हैं। बता दें कि आज पीएम मोदी ने कहा कि अब 16 जनवरी का दिन स्टार्टअप दिवस के तौर पर मनाया जाएगा।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक शहर में जन्में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभावती था। सुभाष चन्द्र बोस के पिता जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे। पहले जानकीनाथ सरकारी वकील थे। लेकिन बाद में उन्होंने निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। सुभास चंद्र बोस ने अच्छी शिक्षा हासिल की थी। इन्होंने कलकत्ता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से दर्शनशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। साल 1919 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए इंग्लैंड पढ़ने गए थे।

     

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  • UP Assembly Election 2022: भाजपा ने जारी की 107 उम्मीदवारों की लिस्ट

    UP Assembly Election 2022: भाजपा ने जारी की 107 उम्मीदवारों की लिस्ट

    उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी (Bjp Candidates List) कर दी है। इस सूची में पहले और दूसरे चरण में चुनावी मैदान में उतरने वाले 107 उम्मीदवारों के नाम शामिल है। वहीं पिछले काफी समय से सीएम के विधानसभा से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। भाजपा द्वारा जारी उम्मीदवारों की पहली सूची में ज्यादातर सीटों पर वही नेता एक बार फिर से मैदान में उतरेंगे। जिन्होंने 2017 में भाजपा को जीत दिलाई थी।

    गोरखपुर से ही चुनाव लड़ेगे सीएम योगी

    पिछले कुछ समय से सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के मथुरा और अयोध्या से चुनावी मैदान में उतरने के कयास लगाये जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने सीएम का टिकट गौरखपुर विधानसभा से फाइनल किया है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सिराथू से चुनावी मैदान में उतरेंगे।
     

    107 में 21 नये उम्मीदवार

    उत्तर प्रदेश में भाजपा द्वारा जारी की गई 107 उम्मीदवारों की लिस्ट में 20 नये लोगों को मौका दिया गया है। इस लिस्ट में 21वें सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं। जो पहली बार गोरखुपर में पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरेंगे। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को इस बार विधानसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। इसको लेकर पार्टी में चर्चा शुरू हो गई है। वहीं नये लोगों में मीरापुर विधानसभा से प्रशांत गुर्जर को मौका दिया गया है।

     



     

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  • केंद्र सरकार ने जारी किया ड्रॉफ्ट नोटिफिकेशन, अब से कारों में 6 एयर बैग अनिवार्य, जानें क्या है नियम

    केंद्र सरकार ने जारी किया ड्रॉफ्ट नोटिफिकेशन, अब से कारों में 6 एयर बैग अनिवार्य, जानें क्या है नियम

    भारतीय ऑटो बाजार की प्रगति और उन्नति के लिए सरकार ने अब कारों में 6 एयर बैग (Air Bag) को अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने एक ड्राफ्ट जीएसआर नोटिफिकेशन को मंजूरी दी है। यानी कि अब 8 यात्रियों वाली कार में कम से कम 6 एयरबैग्स का होना जरूरी कर दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को ट्वीट कर लिखा कि मैंने 8 यात्रियों को ले जाने वाले मोटर वाहनों में कम से कम 6 एयरबैग अनिवार्य करने के लिए एक ड्राफ्ट जीएसआर नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है।
     

     

     

    जानें क्यों जरूरी हैं एयर बैग?

    कार में लगे एयरबैग दुर्घटना में चालक और उसके बगल में बैठे यात्री की जान बचाने के जोखिम को कम कर देता है। जैसे ही कार किसी वाहन से टकराती है। तो एयरबैग गुब्बारे की तरह खुलते हैं और कार में बैठे लोग को बचा लेते हैं। कार के डैशबोर्ड या स्टीयरिंग से नहीं टकराते और जान बच जाती है। दुर्घटना के दौरान अधिकांश मौतें इसी वजह से होती हैं।
     

    नियम क्या हैं... कारों को और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र ने 29 दिसंबर 2020 को एक प्रस्ताव रखा था। इस पर लोगों से राय मांगी गई थी। जिसके बाद गाड़ी में आगे बैठे वाले दोनों व्यक्तियों के लिए एयर बैग को जरूरी कर दिया गया। नए नियमों के मुताबिक, मंत्रालय ने कहा कि 1 अप्रैल 2021 के बाद से सभी कारों में आगे की दोनों सीटों के लिए एयरबैग होना जरूरी है। साथ ही यह भी कहा था कि बीते साल 31 अगस्त के बाद ऐसी किसी भी कार का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। जिसमें आगे की दोनों सीटों पर एयरबैग नहीं होंगे।
     

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  • WHO ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 2 नई दवाओं की सिफारिश की

    WHO ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 2 नई दवाओं की सिफारिश की

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO- डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 2 नई दवाओं (drugs) की सिफारिश की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 (Covid-19) के लिए जिन दो नई दवाओं को मंजूरी दी है वो बारिसिटिनिब और कासिरिविमैब-इमदेविमाब (Baricitinib & casirivimab-imdevimab) हैं। डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों का कहना है कि रिसिटिनिब और कासिरिविमैब-इमदेविमाब का इस्तेमाल करके कम गंभीर या फिर गंभीर कोरोना मरीजों (Serious Corona Patients) का इलाज किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) के साथ इस्तेमाल की जाने वाली गठिया की दवा बारिसिटिनिब कोरोना संक्रमित मरीजों (corona infected patients) के इलाज में कारगर साबित हुई है। डब्ल्यूएचओ (World Health Organization) ने दावा किया है कि ये दवा जीवित रहने में सुधार करती है। साथ ये दवा वेंटिलेशन (ventilation) की जरूरत को भी कम करती है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बारिसिटिनिब (baricitinib) का अन्य गठिया दवाओं (gout drugs) के समान प्रभाव है। जिन्हें इंटरल्यूकिन-6 इन्हिबिटर्स (inhibitors) कहा जाता है। इसलिए, जब दोनों दवाएं उपलब्ध हों तो इनमें से एक का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। कहा है कि एक ही वक्त में दोनों दवाओं का इस्तेमाल करने की सिफारिश नहीं की जाती है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल बीएमजे (British Medical Journal BMJ) में अपनी सिफारिश में डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों (experts) ने कहा कि कम या फिर गंभीर कोरोना संक्रमण मरीजों के इलाज के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के साथ इस्तेमाल की जाने वाली गठिया की दवा बारिसिटिनिब से जीवित रहने की दर बेहतर हुई और वेंटिलेटर की जरूरत कम पड़ने लगी है। इस दौरान विशेषज्ञों ने गैर गंभीर कोरोना संक्रमित मरीजों (non-severe corona infected patients) के लिए सिंथेटिक एंटीबॉडी ट्रीटमेंट सोट्रोविमैब (Synthetic Antibody Treatment Sotrovimab) की भी सिफारिश की है। यह उन संक्रमितों के लिए प्रभावी है जोकि अस्पताल में भर्ती होने अधिक जोखिम वाले हैं।

     

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  • अखिलेश और मोर्य की वर्चुअल रैली में नियमों की अनदेखी, DM ने जारी किया जांच का फरमान

    अखिलेश और मोर्य की वर्चुअल रैली में नियमों की अनदेखी, DM ने जारी किया जांच का फरमान

    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखनऊ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की रैली हुई। इस रैली का नाम ही रखा गया था वर्चुअल रैली। अब लखनऊ डीएम ने सपा की रैली की जांच का फरमान जारी कर दिया है। चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों में रैली को लेकर कहा था कि भीड़ को कम किया जाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने ने अपने कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम को वर्चुअल रैली का नाम दिया था। लेकिन वहां भारी भीड़ मौजूद थी। जिसके बाद लखनऊ के डीएम ने इस पर जांच के आदेश दे दिए हैं। लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि सपा का कार्यक्रम बिना इजाजत के हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम को मजिस्ट्रेट के साथ सपा के मुख्यालय पर भेजा गया है। इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी।

    यह कार्यक्रम लखनऊ में सपा पार्टी में भाजपा छोड़कर आने वाली नेताओं के लिए किया गया था। स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई नेता आज सपा में शामिल हुए। बता दें कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और धर्म सिंह सैनी आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज भाजपा के खात्मे का शंखनाद बज गया है। भाजपा ने देश और प्रदेश की जनता को गुमराह कर उनकी आंखों में धूल झोंकी है और जनता का शोषण किया है। अब भाजपा का खात्मा करके उत्तर प्रदेश को भाजपा के शोषण से मुक्त कराना है। मौर्य ने सपा में शामिल होने के दौरान कहा कि भाजपा ने केशव मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम लेकर राज्य में सरकार बनाई। चर्चा थी कि केशव या स्वामी पर जो हुआ वह सीएम होगा। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई 80 और 20 के दशक की नहीं है। अब लड़ाई 85 और 15 की है। जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव आयोग ने भी चुनावी राज्यों में 15 जनवरी तक रैलियों और रोड शो दोनों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

     

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